राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 की शुरुआत हो गई। समिट में 45 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं साथ ही 3 हजार से अधिक AI एक्सपर्ट्स भी शामिल होंगे। AI इम्पैक्ट समिट में फ़्रांस और ब्राजील के राष्ट्रपति, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव समेत कई अन्य दिग्गज नेता भी शामिल होंगे। समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि AI पर चर्चा के लिए दुनिया को एक मंच पर लाना जरुरी है। आज भारत AI से जुड़े बदलाव के शुरुआती मोर्चे पर खड़ा है। मैं इस समिट में दुनिया भर से आये नेता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, इनोवेटर्स, पॉलिसी मेकर्स, रिसर्चर्स और टेक लवर्स का मैं हार्दिक स्वागत करता हूँ।
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इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि देश अब अपने पहले कमर्शियल स्तर पर चिप प्रोडक्शन के काफी करीब पहुंच चुका है। संभव है इस महीने के आखिर तक 10 मंजूर किए गए सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से पहले प्रोजेक्ट का उद्घाटन हो जाए। माइक्रोन अपनी भारत वाली फैक्ट्री में प्रोडक्शन शुरू करने जा रही है। यह भारत में सेमीकंडक्टर का पहला कमर्शियल स्तर पर होने वाला उत्पादन होगा।
बता दें कि सरकार ने यूनियन बजट में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान कर दिया है, इससे साफ संकेत मिलता है कि देश में चिप मैन्युफैक्चरिंग को आगे भी पूरा समर्थन मिलता रहेगा। इस नए चरण का एक बड़ा लक्ष्य है कि भारत में ही AI से जुड़े खास चिप्स डिजाइन किए जाएं। आईटी सचिव एस कृष्णन ने भी साफ कहा कि ये कोई छोटे समय की योजना नहीं है, बल्कि भारत को अपना ‘स्वदेशी AI सिस्टम’ तैयार करना है, ताकि हम टेक्नोलॉजी के मामले में किसी और पर डिपेंड न रहें।
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