भगत सिंह की 117 वीं जयंती पर *भगत सिंह के सपनों का भारत*विषय आइसा ने पटना साइंस कॉलेज के वोकेशनल बिल्डिंग में विचार गोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम का संचालन आइसा विश्वविद्यालय अध्यक्ष नीरज यादव ने किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इतिहास के शोधार्थी डॉ कुमार परवेज, अंग्रेजी के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ.शोभन चक्रवर्ती, इतिहास विभाग के प्रोफ़ेसर डॉ. सतीश कुमार मौजूद थें। सभा को आइसा राज्य सचिव सबीर कुमार,राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम ने संबोधित किया।कार्यक्रम में आइसा सह सचिव आशीष साह, राष्ट्रीय परिषद सदस्य अनिमेष कुमार, आकाश राव, वैष्णवी, अभिभारती, प्रीति कुमारी, पीयूष ,आशीष कुमार, प्रत्युष, सुधांशु, आर्यन ऋषि, सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थें।सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शहीद ए आजम भगत सिंह के सपनों को आज कुचला जा रहा है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से कैंपसों का निजीकरण किया जा रहा है।वंचितों को कैंपसों से बाहर किया जा रहा है। भगत सिंह के सपनों का भारत समावेशी समाज वाला भारत है।भगत सिंह को चुपके से घोषित तिथि से पहले फांसी दे दी गई। उनके विचारों को आगे ले जाने की जरूरत है। आज भारत में कंपनियों का राज फिर से स्थापित हो रहा है। युवा बेरोजगारी झेल रहे हैं। पेपर लीक झेल रहे हैं। भगत सिंह के सपनों का भारत दलितों, मजदूरों,अल्पसंख्यकों के अधिकारों का भारत है। लेकिन आज इसपर हमला हो रहा है। भगत सिंह के सपनों को आगे ले जाने की जिम्मेदारी हमारी है।