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सियासी उथल पुथल के बीच बिहार में देखने को मिला अजब संयोग, तीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एकसाथ...

सियासी उथल पुथल के बीच बिहार में देखने को मिला अजब संयोग, तीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एकसाथ...

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सियासी उथल पुथल के बीच बिहार में देखने को मिला अजब संयोग, तीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एकसाथ..- फोटो : Darsh NEWS

बिहार की राजनीति में बुधवार से ही उथल पुथल का माहौल बन गया जब खबर सामने आई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं और सीएम की कुर्सी पर किसी और नेता को बैठाया जायेगा। बुधवार को भारी उथल पुथल के बावजूद बुधवार को कुछ स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन गुरुवार को नीतीश कुमार ने खुद ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।  इसके बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गृह मंत्री अमित शाह राजधानी पटना पहुंचे और वे सीएम आवास भी गए।

सीएम आवास से गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ विधानसभा के लिए निकले जहां NDA के सभी पांच उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, भाजपा के शिवेश कुमार और रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। यह शायद भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब एक साथ तीन पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक साथ राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया।

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जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। इस दौरान गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जीतनराम मांझी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा समेत NDA के कई अन्य दिग्गज नेता भी मौजूद थे। नामांकन के पहले और बाद में NDA के नेताओं ने एकजुटता का परिचय दिया और विपक्षी पार्टियों को संदेश देने की कोशिश की कि नीतीश कुमार को जबरदस्ती सीएम की कुर्सी से नहीं हटाया जा रहा है बल्कि वे खुद अपनी इक्षा से राज्यसभा जा रहे हैं।

बता दें कि अन्य सभी उम्मीदवारों के नामांकन से कार्यकर्ताओं में ख़ुशी तो जरुर देखी जा रही है लेकिन सीएम नीतीश के फैसले से उनकी पार्टी के कार्यकर्ता काफी दुखी और आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि बिहार में नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में जो विकास किया है वह कोई और नहीं कर सकता है और अभी उनकी जरूरत बिहार को है। यह निर्णय बेहद चौंकाने वाला और दुखदाई है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। जदयू के कार्यकर्ता इसके लिए भाजपा पर साजिश का आरोप लगा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ यह भी खबर चर्चा में है कि नीतीश कुमार खुद राज्यसभा जायेंगे जबकि उनके बेटे निशांत को बिहार में उप मुख्यमंत्री बनाया जायेगा। निशांत के साथ ही जदयू से एक अन्य नेता को भी उप मुख्यमंत्री बनाया जायेगा जिसमें सबसे आगे विजय चौधरी का नाम है।

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