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बिहार में सियासी उथल-पुथल के बीच रेणु देवी की चर्चा तेज, रह चुकी हैं उपमुख्यमंत्री

बिहार की सियायत में हवा का रुख इन दिनों पूरी तरह से बदल गया है. कल से लगातार गहमागहमी का माहौल कायम है. बिहार में सत्ता पलट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. यह सवाल हर किसी के मन में उठ रहा कि, बिहार में महागठबंधन की सरकार रहेगी या फिर नहीं. वहीं, इन तमाम गतिविधियों के बीच बिहार की पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी को लेकर जोर-शोर से चर्चा हो रही है. दरअसल, कहा जा रहा कि यदि बिहार में सरकार बदलती है या फिर यूं कहे कि यदि एनडीए की सरकार आती है तो आखिरकार किस नेता पर दांव खेला जाएगा. तो इसे लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के नाम की चर्चा हो रही है.      

रेणु देवी के नाम की चर्चा जोरों पर

दरअसल सूत्रों की माने तो लगातार यह चर्चा हो रही है कि, यदि एनडीए की सरकार एक बार फिर से बिहार में आती है तो बीजेपी अति पिछड़ा को मुख्यमंत्री बना सकती है. इस क्रम में बड़ी चर्चा पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को लेकर भी हो रही है. बता दें कि, 25 जनवरी को रेणु देवी को भी दिल्ली बुलाया गया था और रेणु देवी भी अमित शाह के साथ हुई बैठक में शामिल हुई थी. जिसके बाद रेणु देवी के नाम की चर्चा और भी ज्यादा तेज हो गई है. इसके साथ ही बिहार में जब एनडीए की सरकार थी तब रेणु देवी उपमुख्यमंत्री रह चुकी हैं. सूत्रों के मुताबिक, बिहार में सीएम पद को लेकर पेंच फंसा हुआ है. नीतीश कुमार सीएम पद नहीं छोड़ना चाहते हैं और बीजेपी चाहती है कि अगर सरकार बनती है तो सीएम की कुर्सी उसके कोटे में आए. 

परिवारवाद पर सीएम ने की थी टिप्पणी

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी सीएम के बदले जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद देने पर भी राजी हो गई है. इस बीच सूत्रों ने ये भी बताया कि अगले एक दो दिन में बिहार के सीएम नीतीश कुमार अंतिम फैसला ले सकते हैं. शुक्रवार को गणतंत्र दिवस है, ऐसे में इसके बाद बिहार में कोई बड़ा सियासी फेरबदल देखने को मिल सकता है. बता दें कि, कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती के दिन सीएम नीतीश कुमार ने परिवारवाद को लेकर खुले मंच से बड़ी बात कह दी थी. कहा जा रहा कि, उन्होंने सीधा-सीधा लालू परिवार पर निशाना साधा. हालांकि, आखिरी फैसला किया कुछ होता है, यह देखने वाली बात होगी.