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औरंगाबाद में खूब गरजे आनंद मोहन, खुले मंच से परिवारवाद और वंशवाद पर किया करारा प्रहार

बाहुबली नेता और पूर्व विधायक आनंद मोहन एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं. इस बार उन्होंने परिवारवाद और वंशवाद पर करारा प्रहार कर दिया है. खुले मंच से आनंद मोहन खूब गरजे और ऐसी राजनीति करने वालों पर जमकर कटाक्ष किया. सबसे पहले हम आपको बता दें कि, आनंद मोहन बिहार के औरंगाबाद जिले में पहुंचे थे. जहां उन्होंने पृथ्वीराज चौहान और चंद्रवरदाई की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया. इसके बाद बड़ी जनसभा को संबोधित किया. अपने संबोधन के दौरान आनंद मोहन ने परिवारवाद एवं वंशवाद पर कड़ा प्रहार कर सत्ता में बैठे ऐसे नेताओं पर निशाना साधा.

महापुरुषों की कुर्बानियों को किया याद

आनंद मोहन ने कहा कि, वंशवाद में लोग अपने अकलोल, बकलोल, ढकलोल संतानों को पैसा एवं पावर की बदौलत सत्ता पर थोप देते हैं, लेकिन संघर्षवाद की उपज अपना पथ स्वयं गढ़ लेता है और समाज में एक आदर्श प्रस्तुत करता है. इस दौरान उन्होंने राणा सांगा, उदय सिंह, महाराणा प्रताप एवं अमर सिंह की कुर्बानियों को याद किया और बताया कि, इन महानायकों ने संघर्षवाद को परिभाषित किया एवं अपने प्राणों की आहुति देकर समाज को न सिर्फ रास्ता दिखाया बल्कि संघर्ष करने वाले लोगों को प्रेरणा दी. उन्होंने अपने समाज को खुद की ताकत और अपने सामर्थ्य से कुछ कर गुजरने का मार्ग प्रशस्त किया.

खुद के संघर्षों को किया याद

अपने संबोधन के दौरान आनंद मोहन ने अपने खुद के संघर्षों को याद किया और यह भी कहा कि, उनके दादा और पिता ने अंग्रेजों से लड़ाइयां लड़ी. संघर्ष किया. इसका अनुसरण उन्होंने किया और उनके जेल जाने के बाद उनके बेटे चेतन आनंद ने भी अपनी विरासत को बचाया. आनंद मोहन ने कार्यक्रम में आए लोगों से कहा कि जानते हैं ताली कौन लोग बजाता है, इसलिए मर्द बनकर लड़ाई लड़ें. बता दें कि, आनंद मोहन लगातार विभिन्न जिलों में पहुंच रहे हैं. हालांकि, इस दौरान वे कुछ राजनीतिक नेताओं पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे.