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बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा: 15 लाख में नौकरी, 1 लाख एडवांस, दूसरे राज्यों से भी जुड़े पेपर लीक के तार

बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक कांड के तार दूसरे राज्यों से जुड़ने लगे हैं. इस केस में जहां लखीसराय में मास्टरमाइंड के खाते से 16 लाख रुपए मिले हैं तो वहीं जांच का दायरा लगातार बढ़ने लगा है. 1 अक्टूबर को बिहार में सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है. 21,391 सिपाहियों की बहाली के लिए केंद्रीय चयन पर्षद की ओर से परीक्षा आयोजित की गई थी लेकिन परीक्षा के दौरान पेपर लीक, अनियमितता और कदाचार का मामला सामने आया, जिसके बाद एक अक्टूबर की परीक्षा रद्द की गई, वहीं 7 और 15 अक्टूबर की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है.

परीक्षा में धांधली मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई

वहीं बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. मामले की जांच अब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के जिम्मे हैऔर अबतक 70 से अधिक केस इस मामले में दर्ज किए जा चुके हैं. सिपाही बहाली परीक्षा के तार एक के बाद एक करके कई जिलों सेजुड़े मिल रहे हैं. वहीं इसे लेकर कई हैरान करने वाले खुलासे रोज हो रहे हैं. इस परीक्षा में धांधली कराने में प्रिंसिपल से लेकर पुलिस के जवान तक की भूमिका सामनेआयी है. कई जगहों पर कोचिंग के संचालकों ने भी यह काम किया. सॉल्वर गिरोह का सरगना पकड़ा जा चुका है. वहीं इस धांधली के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, इसकी आशंका पुलिस जता रही है. सिपाही बहाली परीक्षा में धांधली मामले में अबतक करीब 150 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. भभुआ में प्रिंसिपल के बाद अब नालंदा क्यूआरटी में तैनात पुलिस के एक जवान को भी गिरफ्तार किया गया है जो अपने रिश्तेदार को आंसर भेजने का आरोपित है.

10 से 15 लाख की उगाही का प्लान

इस बहाली में परीक्षा माफियाओं ने करोड़ों का वारा न्यारा किया है. सिपाही की बहाली के लिए अभ्यर्थियों को तमाम तरह के प्रलोभन देते हुए प्रति उम्मीदवार 10 से 15 लाख की उगाही का प्लान था. एडवांस में एक से लेकर 2 लाख रुपये तक लिए गए थे. माफियाओं ने गलत तरीके से परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए अभ्यर्थियों से उनके प्रमाण पत्र तक ले लिए थे. लखीसराय में सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक मास्टर माइंड चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस को चंदन के बैंक अकाउंट में 16 लख रुपए मिले हैं.

पटना से लेकर हरियाणा, यूपी और दूसरे राज्यों के 10 बड़े परीक्षा माफिया शामिल

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिपाही भर्ती परीक्षा में पटना से लेकर हरियाणा, यूपी और दूसरे राज्यों के 10 बड़े परीक्षा माफिया पेपर लीक से लेकर आंसर की भेजने में जुटे हुए थे. इस पूरे मामले में आर्थिक अपराध इकाई के अधिककारी जांच में जुट गए हैं. पटना में रामकृष्ण नगर, दानापुर, शाहपुर, कंकड़बाग में चार केस दर्ज किए गए हैं. कुल मिलाकर सबसे अधिक केस छपरा में दर्ज हुए हैं जबकि सबसे ज्यादा  गिरफ्तारी आरा में की गई है. अब तक की जानकारी में ये बात सामने आई है कि पटना के कंकड़बाग में स्थित रामकृष्ण द्वारिका कॉलेज परीक्षा केंद्र और नवादा के एक सेंटर से अभ्यर्थियों के पास जो चिट पुर्जा मिला है और मोबाइल में आंसर की मिले थे यह सब के सब प्रश्न पत्र से मैच कर रहे थे.

यही कारण है कि बोर्ड ने दो दिनों के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला ले लिया. सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड की जांच का दायरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. आर्थिक अपराध इकाई के पास एक और जिले में इस परीक्षा से जुड़ी अनियमितता की जानकारी मिली है. इओयू सूत्रों की मानें तो आलाधिकारियों के नेतृत्व में इस मामले को लेकर राज्य में दर्ज किए गए 67 से अधिक केसों का अध्ययन किया गया और इस बात की आवश्यकता महसूस की गई कि केवल 20 नहीं बल्कि 30 और इससे ऊपर भी अधिक केस को आर्थिक अपराध इकाई टेकअप कर सकती है.

सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली कराने के आरोप में प्रिंसिपल गिरफ्तार

बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली कराने के आरोप में भभुआ से प्रिंसिपल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. कैमूर में भूपेश गुप्त इंटर कॉलेज के प्राचार्यव केंद्र अधीक्षक संजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया था. इंटर कॉलेज के प्राचार्य संजय कुमार नकल करने वाले गिरोह के साथ मिलकर सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल करवा रहे थे. जब उनका मोबाइल चेक किया गया तो तीन परीक्षार्थियों का एडमिट कार्ड उसमें पाया गया. भभुआ में परीक्षा केंद्र के पास से पकड़े गये एक व्यक्ति ने मोहनिया थाना क्षेत्र के भुंडी टेकारी गांव के रहने वाले कोचिंग संचालक कमलेश कुमार के बारे में बड़ा खुलासा किया था और पुलिस को बताया कि उक्त कोचिंग संचालक ने पैसे लेकर आंसर उपलब्ध कराया है.

150 लोगों की गिरफ्तारी

बिहार सिपाही बहाली परीक्षा के पेपर लीक मामले के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं. फिलहाल अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इस पूरे खेल में एक गैंग शामिल है या अलग-अलग गैंग इसमें संलिप्त हैं. एडीजी के अनुसार, इओयू इस मामले की जांच कर रही है. पटना, छपरा, भोजपुर समेत कई जिलों में केस दर्ज किए गए है. इओयू को विभिन्न जिलों में दर्ज 74 प्राथमिकियों की रिपोर्ट मिली है.परीक्षा में अनियमितता, पेपर लीक, आंसर की बरामद होने आदि के मामले इसमें शामिल हैं. वहीं करीब 150 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.