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अस्पताल के अंदर कमीशन का खेल, बाहर से दवा खरीदने को मजबूर मरीज

पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में आशा कार्यकर्ता पर अवैध वसूली और मरीज को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है।

aspataal ke andar commission ka khel, bahar se dawa kharidne
अस्पताल के अंदर कमीशन का खेल, बाहर से दवा खरीदने को मजबूर मरीज- फोटो : Darsh News

पश्चिम चंपारण : बगहा अनुमंडलीय अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक आशा कार्यकर्ता पर मरीज से अवैध वसूली करने और सरकारी व्यवस्था के तहत मिलने वाली मुफ्त दवाओं के बजाय बाहर से जेनेरिक दवाएं खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा है। इसके साथ ही जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर ₹400 की अवैध मांग किए जाने की बात भी सामने आई है।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित मरीज की पहचान बगहा थाना क्षेत्र के अमौवलीय सिधाडी गांव निवासी छोटूराम की पत्नी दूरपती देवी के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि उसी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता दुर्गावती देवी ने उन्हें अस्पताल से दवा लेने के बजाय बाहर से दवा खरीदने को कहा और जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर रुपये मांगे।

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इस पूरे मामले पर बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में तैनात डॉक्टर के. बी. एन. सिंह ने स्थिति को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज, दवाएं और जन्म प्रमाण पत्र सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क हैं। किसी भी मरीज से इसके लिए पैसा लेना नियमों के खिलाफ है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि कुछ आशा कार्यकर्ता कमीशन के लालच में मरीजों को बहला-फुसलाकर बाहर से जेनेरिक दवाएं खरीदवाती हैं, जो पूरी तरह गलत है।

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डॉ. सिंह ने बताया कि मरीज जो प्राइवेट दवा लेकर आई थीं, वह डॉक्टर की पर्ची पर लिखी हुई नहीं थी। इसके बाद अस्पताल की ओर से मरीज को आवश्यक दैनिक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध करा दी गईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित आशा कार्यकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और मरीजों ने मांग की है कि ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली मुफ्त और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का भरोसा बना रहे।


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