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विधानसभा की छत गिरी, बाल-बाल बचे विधायक, मच गया हड़कंप

बिहार विधानसभा परिसर में गुरुवार को बड़ा हादसा टल गया, जब बजट सत्र के दौरान भवन की छत का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा।

Assembly roof collapses
विधानसभा की छत गिरी, बाल-बाल बचे विधायक, मच गया हड़कंप- फोटो : Darsh NEWS

पटना: बिहार विधानसभा के चौथे दिन बजट सत्र के दौरान गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विधानसभा भवन में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सुबह के समय कई विधायक सदन की ओर जा रहे थे, तभी भवन के पोर्टिको हिस्से से छत का एक टुकड़ा अचानक नीचे गिर पड़ा। सौभाग्य से उस वक्त कोई भी विधायक या कर्मचारी मलबे की चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई।

गौर करने वाली बात यह है कि बजट सत्र से ठीक पहले विधानसभा भवन का नवीनीकरण कराया गया था, जिस पर लाखों रुपये खर्च हुए थे। इसके बावजूद छत का इस तरह गिरना भवन की गुणवत्ता और कार्य की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने यह मुद्दा उठाया और स्पीकर को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह कई माननीय सदस्य पोर्टिको में खड़े थे, उसी दौरान ऊपर से भारी मलबा गिरा, लेकिन सभी बाल-बाल बच गए।

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इधर, विधान परिषद के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत करते हुए नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार वोट चोरी के जरिए बनी है। राबड़ी देवी का कहना था कि असल जीत उनकी पार्टी की हुई थी, लेकिन मशीनों के जरिए वोटों की हेराफेरी कर सत्ता हथिया ली गई। राबड़ी देवी ने आगे कहा कि सरकार EVM को इसलिए नहीं हटाना चाहती क्योंकि इन्हीं के सहारे चुनाव में गड़बड़ी की जाती है। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा तेजस्वी यादव पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप पर पलटवार करते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि सत्ताधारी दल खुद करोड़ों रुपये देकर विधायकों को तोड़ने का काम करता है।

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राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार दवा खाकर आते हैं तो ठीक रहते हैं, और जब नहीं लेते तो गड़बड़ा जाते हैं। कुल मिलाकर, बजट सत्र का यह दिन न सिर्फ सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करने वाला रहा, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से भी गरमा गया।


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