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पश्चिम बंगाल में ED की टीम पर हमला, चढा राजनीतिक पारा, अब राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

देश में लोकसभा चुनाव होने में अब से कुछ ही महीने बाकी है. तमाम राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियां तेज हो गई है. अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी पार्टियों की ओर से हर एक प्रयास किया जा रहा है. लेकिन, दूसरी तरफ ईडी भी फुल एक्शन मोड में दिख रही है. एक के बाद एक कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है. झारखंड और दिल्ली में जिस तरह से ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, वह किसी से छिपी नहीं है. इस बीच पश्चिम बंगाल में ईडी की टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी. लेकिन, यहां ईडी के अधिकारियों पर हमले किए गए. दरअसल, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के समर्थकों द्वारा हमला किया गया, जिसके बाद सियायी पारा चढ गया है.

3 अधिकारियों को आई गंभीर चोटें

जानकारी के मुताबिक, जिस समय ईडी की टीम को हमला कर निशाना बनाया गया, उस समय ED अधिकारियों के साथ CRPF के सिर्फ 27 जवान थे.  हमले में 3 अधिकारियों को गंभीर चोटें आई हैं. ED अधिकारियों ने कहा कि, हमले के दौरान भीड़ ने उनके मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और वॉलेट भी छीन लिया. इस मामले में बंगाल पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं. इस घटना के बाद विपक्ष ने जहां एक ओर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस ने भी संकेत दिया है कि वह सभी संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेंगे और मामले पर उचित कार्रवाई करेंगे. 

तमाम राजनीतिक नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

इसके साथ ही कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करते हुए कहा कि, ' ईडी अधिकारियों पर हमले हो रहे हैं. राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए यह उपयुक्त केस है. पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है.' वहीं, बीजेपी ने उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली में हुई घटना को संघीय ढांचे पर सीधा हमला बताया है जबकि कांग्रेस ने राज्य में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. इधर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी की तुलना किम जोंग से कर दी.