पटना: बिहार में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर पक्ष विपक्ष के नेता आपस में उलझते हुए भी नजर आते हैं। बुधवार को विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मंत्री अशोक चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं विपक्ष की नेता राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह के बीच भिड़ंत हो गई। दोनों नेताओं के बीच सदन में कहासुनी हो गई और इस दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ, बाद में सभापति ने दोनों को शांत करवाया। इस दौरान एक तरफ राजद MLC ने मंत्री अशोक चौधरी के डिग्री को फर्जी करार दे दिया तो मंत्री ने MLC से इस्तीफा की मांग कर दी।
नीतीश सरकार में तेजी से हो रहा काम
दरअसल मंत्री अशोक चौधरी सुनील सिंह के एक पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील है और पैक्स में धान खरीद को लेकर तेजी से काम कर रही है। बिहार में अब धान खरीद से लेकर किसानों को मूल्य भुगतान तक की व्यवस्था में काफी बदलाव किये गए हैं। सीएम नीतीश की सरकार आने के बाद बिहार में किसानों को आर्थिक रूप से सबल बनाने की दिशा में तेजी से काम हुआ है और फसलों की खरीद भी तेजी से की जा रही है।
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इस्तीफा की घोषणा करें
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि उसके पहले लोग प्रोक्योरमेंट के बारे में जानते भी नहीं थे। जो लोग पूरक प्रश्न कर रहे हैं उन्हें भी इस बात का ज्ञान नहीं है कि अनाज का प्रोक्योरमेंट कैसे होता है। मंत्री अशोक चौधरी के इतना बोलते ही MLC सुनील सिंह भड़क गए और उठ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे के ज्ञान पर सवाल उठा रहे हैं, उनकी खुद की डिग्री नकली है। बस फिर क्या था मंत्री अशोक चौधरी भी गुस्से से लाल हो गए और कहा कि अगर सुनील सिंह मेरी डिग्री को फर्जी साबित कर दें तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा अन्यथा वे अपने पद से इस्तीफा दे दें। इसके साथ ही वे यह भी बताएं कि उन्हें मेरी डिग्री के बारे में जानकारी कहाँ से मिली।
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