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भोजपुरी की खूबसूरत अदाकारा अक्षरा सिंह अब राजनीति में रखेंगी कदम, प्रशांत किशोर की पार्टी करेंगी ज्वाइन

भोजपुरी जगत की खूबसूरत अदाकारा अक्षरा सिंह की फैन फॉलोइंग किसी से भी छिपी नहीं है. भोजपुरी इंडस्ट्री में तमाम फिल्मों में शानदार अभिनय कर अक्षरा सिंह ने खूब ख्याति अर्जित की. फैंस के बीच अक्षरा की दीवानगी सिर चढ़कर बोलती है. ऐसे में अब अक्षरा सिंह से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ गई है. दरअसल, अक्षरा सिंह अब राजनीति में भाग्य आजमाने वाली हैं. इसके साथ ही 2024 में चुनावी अखाड़े में कूद सकती हैं. जानकारी के मुताबिक, अक्षरा सिंह राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को ज्वाइन करेंगी. सोमवार को दोपहर 32 बजे पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण करने वाली है. 

प्रशांत किशोर दिलायेंगे पार्टी की सदस्यता  

बता दें कि, पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर ही अक्षरा सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलायेंगे. कहा जा रहा कि, प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद एक्ट्रेस ने उनकी पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है. पार्टी ने उन्हें साल 2024 के टिकट के लिए भी भरोसा दिया है. यह पटना सेचुनाव लड़ सकती है. लोकसभा चुनाव में भी अभिनेत्री अपनी किस्मत आजमा सकती है. हालांकि, आज अक्षरा सिंह पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर लेंगी. बता दें कि, प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी को लेकर दावा किया था कि, जन सुराज पार्टी बननी ही है, इसमें कोई इफ, बट और किंतु-परंतु नहीं है कि बनेगा कि नहीं बनेगा, बन सकता है कि नहीं बन सकता है. आगे कहा कि, फर्क सिर्फ इतना है कि पार्टी प्रशांत किशोर नहीं बनाएंगे, पार्टी कोई व्यक्ति, कोई जाति, कोई परिवार नहीं बनाएगा, बिहार का हर वो आदमी जो चाहता है कि नया विकल्प बने, जो यहां के दलों और नेताओं से त्रस्त है उन लोगों को इकट्ठा करके मदद की जाएगी ताकि वे दल बनाए.

'50 फीसदी से ज्यादा चाहते हैं कि नया दल बने'

राजनीतिक रणनीतिकार ने यह भी कहा कि, बिहार में 50 फीसदी से ज्यादा लोग चाहते हैं कि नया दल, नया विकल्प बने इसीलिए मैं ये प्रयास और मेहनत कर रहा हूं. प्रशांत किशोर ने कहा कि, मैंने आपको जो आंकड़ा दिया कि बिहार में 50 फीसदी से ज्यादा लोग चाहते हैं कि यहां नया दल, नया विकल्प बने, नया प्रयास किया जाए. उन्हीं लोगों के बीच से ऐसे लोगों को निकाला जाए कि आप चाहते हैं कि नया दल बने तो उसमें कंधा भी लगाओ. कुछ लोग भी अगर उसमें तैयार हो गए, अगर 100 लोगों में से एक आदमी भी तैयार हो गया तो पूरे बिहार में 12 से 13 लाख ऐसे लोग हो जाएंगे जो इस दल को बनाने के लिए संस्थापक सदस्य बनेंगे, यह वही प्रयास है.