Daesh News

भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने कर दिया नामांकन, BJP की बढ़ी टेंशन!

SASARAM - भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने काराकाट लोक सभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया है. नामांकन से पहले पवन सिंह ने  प्रसिद्ध पायलट बाबा के आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया और वहां सोमनाथ मंदिर के शिवलिंग में पूजा पाठ और आराधना की. इस बीच कई भाजपा के नेता अभी भी पवन सिंह से चुनाव नहीं लड़ने की अपील कर रहे हैं, पर पवन सिंह ने हर हाल में काराकाट से चुनाव लड़ने पर अधिक है और आज उन्होंने अपना नामांकन कर दिया है.

 पवन सिंह आज सासाराम समाहरणालय में काराकाट के निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में नामजदगी का पर्चा दाखिल किया। इस दौरान सासाराम के समाहरणालय में भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। जिसे नियंत्रित करने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 

 पवन सिंह से पहले बुधवार को ही महागठबंधन के प्रत्याशी राजाराम सिंह ने नामांकन का प्रचार दाखिल कर दिया है, वही आज पवन सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया है, जबकि एनडीए प्रत्याशी के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा नामांकन करने वाले वाले हैं.

 नामांकन से पहले भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने सासाराम के प्रसिद्ध पायलट बाबा से मुलाक़ात की.उन्होंने पायलट बाबा आश्रम में स्थित सोमनाथ मंदिर के शिवलिंग की पूजा अर्चना की। इस दौरान आश्रम के अध्यक्ष पूर्व एमएलसी कृष्णा सिंह भी मौजूद रहे। 

 वही पवन सिंह के चुनाव लड़ने से बीजेपी और एनडीए के प्रत्याशीपरेशान नजर आ रहे हैं. भाजपा कोटे से सरकार में मंत्री संतोष कुमार सिंह ने पवन सिंह से चुनाव नहीं लड़ने की अपील की है. मीडिया से बात करते हुए संतोष सिंह ने कहा कि यूं तो लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है पर पवन सिंह का काराकाट लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय गलत है. उन्हें वापस बीजेपी में आना चाहिए. आने वाले दिनों में पार्टी उनके हितों का जरूर ख्याल रखेगी.

 बताते चलें कि पवन सिंह बीजेपी से चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से उम्मीदवार भी बनाया था, पर पवन सिंह आसनसोल सीट से चुनाव लड़ने से पीछे हट गए थे. अब  काराकाट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में आ गए हैं. उनके स्टारडम की वजह से उनके कार्यक्रम में काफी भीड़ देखी जा रही है और एनडीए को लगता है कि  पवन सिंह की वजह से उनका नुकसान हो सकता है क्योंकि पवन सिंह पीएम मोदी का भी नाम बड़े आदर से ले रहे हैं और स्थानीय नेताओं पर निशाना साधते हुए कह रहे हैं कि आखिर कब तक मोदी के नाम पर वोट लेते रहेंगे अपने काम की भी तो बात कीजिए.

 सासाराम से रंजन की रिपोर्ट