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प्रतिज्ञा और जिम्मेवारी को लेकर सुर्खियों में बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी...

PATNA- खबर बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर है.लगातार तीसरी बार केंद्र में प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने सम्राट चौधरी पर काफी विश्वास जताया है और उन्हें जीएसटी जीओएम का संयोजक बनाया है. दूसरे राज्यों के वित्त मंत्रियों को काउंसिल का सदस्य बनाया गया है. सात सदस्यीय जीओएम को करो में सुधार के बारे में सुझाव देना है. मंत्री समूह का मकसद दर संरचना को सरल बनाना, जीएसटी छूट सूची की समीक्षा करना और जीएसटी राजस्व बढ़ाना है. कई महीनों बाद काउंसिल की बैठक आज दिल्ली में होने जा रही है, जिसमें उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी भाग लेंगे.

 वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने और नीतीश की जदयू पर निर्भरता होने की वजह से सम्राट चौधरी को सबसे ज्यादा धक्का लगा है. मुख्यमंत्री के पद से नीतीश कुमार के हटाने की उनकी प्रतिज्ञा बीच में ही अटक गई है. उन्हें खुद घोषणा करनी पड़ी है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही हम लोग चुनाव लड़ेंगे.

 बताते चलें कि मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार को हटाने को लेकर सम्राट चौधरी ने मुरेठा बांधकर प्रतिज्ञा ली थी, कि जब तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के पद से हटा नहीं देंगे तब तक वह मुरेठा नहीं खोलेंगे, लेकिन अब वह अपनी प्रतिज्ञा को बीच में ही तोड़ रहे हैं और इसके लिए हुए प्रभु श्री राम की शरण में जा रहे हैं.

 मिली जानकारी के अनुसार सम्राट चौधरी लगभग 21 माह बाद अब अपने सर से मुरेठा खोलेंगे. वे अयोध्या में सिर मुंडवाकर भगवान राम के चरणों में पगड़ी समर्पित करेंगे. इस संबंध में खुद सम्राट चौधरी ने कहा कि दो और तीन जुलाई को वे अयोध्या दौरे पर रहेंगे. उन्होंने कहा कि वे अयोध्या में मुंडन करवा भगवान राम के चरणों में मुरेठा समर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के हटाने की प्रतिज्ञा के सवाल पर सम्राट चौधरी ने कहा कि जब मैंने यह बात कही थी तो वो भावुक क्षण था. लेकिन, भाजपा के पूरे प्रदेश नेतृत्व और राष्ट्रीय नेतृत्व ने जब निर्णय लिया कि नीतीश कुमार के साथ जायेंगे तो अब मैंने निर्णय लिया है कि अयोध्या जाकर अपना सिर मुंडवाऊंगा और मुरेठा प्रभु श्रीराम के चरणों में दूंगा. बिहार के विकास के लिए व्यक्तिगत कुछ नहीं हो सकता है. व्यक्तिगत निर्णय को निरस्त भी किया जा सकता है.

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने सितंबर 2022 में अपनी मां के निधन के बाद मुरेठा बांधा था और ऐलान किया था कि वह इसे तब खोलेंगे जब नीतीश को सीएम पद से हटा देंगे। उस वक्त नीतीश आरजेडी के साथ महागठबंधन में थे।

मगर इस साल जनवरी में बिहार में राजनीतिक समीकरण बदल गए। नीतीश कुमार ने भाजपा के सहयोग से बिहार में सरकार बना ली और उन्हें पद से हटाने की प्रतिज्ञा लेने वाले सम्राट खुद डिप्टी सीएम बन गए। इसके बाद से ही ये सवालउठ रहा था कि सम्राट चौधरी कब मुरेठा खोलेंगे? इस बीच लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सीट घट गई और नीतीश कुमार की जदयू अहम रोल में आ गई, इसके बाद बिहार में बीजेपी की भूमिका बदल गई और खुद अपने दम पर सरकार बनाने के प्लान पर फिलहाल ब्रेक लग गई है, यही वजह है कि सम्राट चौधरी अपनी प्रतिज्ञा को तोड़ रहे हैं.

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