पुलिसिंग के कार्य को बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने के लिए की गई यह व्यवस्था। इन सभी ग्रामीण एसपी को क्षेत्राधिकार के साथ दिए गए समुचित अधिकार भी
पटना: पुलिस महकमा ने राज्य में बेहतर और मुस्तैद पुलिसिंग के लिए राज्य में 11 जिलों में निर्धारित ग्रामीण एसपी (पुलिस अधीक्षक) के क्षेत्राधिकार को निर्धारित करते हुए उनके अधिकार स्पष्ट कर दिए गए हैं। इससे संबंधित अधिसूचना गृह विभाग ने जारी कर दी है। इसके अनुसार, 2022 में गठित ग्रामीण एसपी के 11 अलग–अलग पदों के अधीन आने वाले अनुमंडल और उनके अंतर्गत आने वाले थानों की संख्या का निर्धारण किया गया है। संबंधित जिलों के एसपी कार्यालयों के शाखाओं का बंटवारा एसपी (ग्रामीण) और अन्य के बीच करेंगे।
इन ग्रामीण एसपी के अधीन आए ये थाने
गया के ग्रामीण एसपी के कार्य क्षेत्र में अब नीमचक बथानी के एसडीपीओ, टिकारी के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), इमामगंज के एसडीपीओ, शेरघाटी–1 एवं शेरघाटी–2 के एसडीपीओ के साथ ही इनके अधीन आने वाले सभी थाने। इन सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अधीन करीब 33 थाने हैं, जो ग्रामीण एसपी के अधीन हो जाएंगे।
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ये होंगे अधिकार
गृह विभाग ने सितंबर 2022 में बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के अंतर्गत 181 पदों का सृजन किया गया था। इसमें ग्रामीण एसपी के 11 पद भी शामिल हैं। अब इनके अधिकार और कार्य क्षेत्र का भी निर्धारण कर दिया गया है। अपने क्षेत्र के अधीन आने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, कांडों की समीक्षा एवं अपराध नियंत्रण के साथ ही सभी महत्वपूर्ण विषयों से जिला एसपी को अवगत कराना। अपने अधीन थानों की अपराध पंजी, दैनिक प्रतिवेदन, पेट्रोलिंग चार्ट समेत अन्य का नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण करना। अपने क्षेत्राधिकार पदस्थापित दारोगा और उनके नीचे के पदाधिकारी (सिपाही और हवलदार) को निलंबित कर सकते हैं। पुलिस लाइन के पदाधिकारियों का निलंबन जिला एसपी से विमर्श करने के बाद कर सकते हैं। सप्ताह में कम से कम एक बार पुलिस परेड में भाग लेंगे। पुलिस सभा में मौजूद रहेंगे।
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