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CBSE ने ले लिया है बड़ा एक्शन, 36 स्कूलों की मान्यता गई, अब यहां से परीक्षा देने वाले बच्चों का क्या होगा ?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानि कि सीबीएसई की ओर से एक बड़ा एक्शन लिया गया और 25 दिसंबर को यह जानकारी सामने आई कि बिहार और पटना के 36 स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई है. यह जानकारी सार्वजनिक होते ही स्टूडेंट्स के साथ-साथ अभिभावकों के बीच भी मानो हड़कंप मच गया. यह कहा जा रहा कि, शायद यह पहली बार है, जब बोर्ड द्वारा मनमाने तरीके से स्कूल चलाने के आरोप में एक साथ तीन दर्जन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

क्यों रद्द हुई स्कूलों की मान्यता

ऐसे सबसे पहला सवाल यह है कि, आखिरकार इन सभी स्कूलों की मान्यता रद्द क्यों की गई. वहीं, मान्यता रद्द करने के पीछे का कारण बताया गया कि, ये सभी स्कूल बोर्ड के निर्धारित मानकों को फॉलो नहीं कर रहे थे. ये सारे स्कूल मोटी रकम वसूलते थे. ऐसे में इन पर कार्रवाई की गई है. इतना ही नहीं बल्कि ये लोग स्कूलों को गलत तरीके से चलाते थे. नियमों का भी उल्लंघन किया जाता था. शिकायतों के बाद लगातार जांच की जा रही थी. इसके बाद अब बोर्ड की ओर से कार्रवाई की गई है और वैसे स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी गई. हम आपको यह भी बता दें कि, 36 स्कूलों में 10 झारखंड के हैं तो वहीं 26 बिहार के हैं. बोर्ड की ओर से इन स्कूलों की तैयार की गई सूची को वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है.  

अब यहां के बच्चों का क्या होगा ? 

इधर, इन तमाम गतिविधियों के बीच अभिभावकों और छात्र-छात्राओं के दिलों में यह सवाल उठ रहा था कि मैट्रिक परीक्षा का फॉर्म भर चुके हैं, तो उनकी परीक्षा ली जाएगी या फिर नहीं. तो हम आपको बता दें कि, घबराने की जरूरत नहीं है. इस सवाल और संशय को बोर्ड ने दूर कर दिया है. बोर्ड के रीजनल हेड अरविंद कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया है कि, चालू सत्र में मैट्रिक का फॉर्म भर चुके बच्चों की परीक्षा ली जाएगी. इसके बाद के वर्षों के लिए स्कूलों से बच्चे फॉर्म नहीं भर पाएंगे. उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि मान्यता रद्द वाले स्कूलों में नामांकन नहीं कराएं. 

मनमाना काम करने वालों के लिए चेतावनी

गौरतलब हो कि, अक्सर परिजनों की यह शिकायत होती है कि स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है. शिकायत करने के बाद भी स्कूल वाले सुनते नहीं हैं. ऐसे में सीबीएसई बोर्ड की ओर से की गई यह कार्रवाई उन स्कूलों के लिए चेतावनी है जो मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं या सुनते नहीं हैं. एक तरह से की गई यह कार्रवाई अन्य स्कूलों के लिए चेतावनी भी है कि नियमों के उल्लंघन पर उन पर एक्शन जरूर लिया जाएगा. इस बीच फिलहाल सीबीएसई ने बड़ा एक्शन ले लिया है.