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Chhath Puja 2023: संध्या अर्घ्य आज, गंगा घाटों को 21 सेक्टर में बांट कड़ी निगरानी; NDRF और SDRF तैनात

बिहार में लोक आस्था के महापर्व चार दिवसीय छठ शुरू हो गया है। आज शाम को पहले दिन का अर्ध्य सूर्य भगवान को दिया जाएगा. छठ के पहले और दूसरे अर्घ्य के दिन सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किये गये हैं. बड़े घाटों पर ड्रोन से गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. शुक्रवार के दिन नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत हुई. शनिवार को दूसरे दिन खरना रखा गया. छठव्रती पूरे दिन व्रत करके शाम में खीर का प्रसाद ग्रहण किया. इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया.

बताया गया है कि कुल पांच हजार पुलिसकर्मियों को पटना के अलग-अलग गंगा घाटों पर तैनात किया गया है. एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि दीदारगंज से लेकर दानापुर तक गंगा घाटों को 21 सेक्टरों में बांटा गया है. इन सभी घाटों पर हर विभाग के एक-एक नोडल ऑफिसर तैनात रहेंगे. पुलिस कप्तान ने बताया कि महकमे के सभी अफसरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये गये हैं. जिन घाटों पर अधिक भीड़ होगी वहां ज्यादा फोर्स की तैनाती की जायेगी. यातायात पुलिस की तैनाती भी भीड़ वाले इलाकों में की गई है. सीसीटीवी कैमरे से पुलिस सभी घाटों, टों सड़कों व चौक-चौराहों पर नजर रखेगी. सादे लिबास में भी पुलिस के जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है. घाट पर एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीम रहेगी. घाटों पर काफी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रहेंगी.

जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा ने शनिवार को वरीय पदाधिकारियों के साथ छठ घाटों का निरीक्षण किया गया. तैयारियों और प्रबंधन का जायजा लिया गया.

● पुलिस महकमे के सभी अफसरों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये गए

● जन घाटों पर अधिक भीड़ होगी वहां ज्यादा फोर्स की तैनाती की जाएगी

● सीसीटीवी कैमरे से पुलिस सभी घाटों, टों सड़कों व चौक-चौराहों पर नजर रखेगी

● सादे लिबास में भी पुलिस के जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया

पटना के बाद राज्य भर में पर्व के अवसर पर किसी भी प्रकार के हादसे से बचाने के लिए घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती की गई है. बिहार के अलग-अलग जिलों में नदियों और प्रमुख तालाबों कर घाटों पर इनकी तैनाती की गई है. एनडीआरएफ की 8 टीम के 200 सदस्य अर्घ्य के दौरान गश्त करते रहेंगे. इसी तरह एसडीआरएफ की 14 टीमें तैनात की गई है. इसके 54 सदस्य अर्घ्य के दौरान सक्रिय रहेंगे. 224 नावों से भी गश्ती होगी. 312 गोताखोर को तैयार रहने के लिए कहा गया है.

आपदा प्रबंधन विभाग ने छठ पूजा को लेकर कंट्रोल रूम भी शुरू किया है जहां दिन रात कर्मियों को तैनात किया गया है. आपात के समय लोग विभाग को फोन करके संपर्क कर सकते हैं. कंट्रोल रूम का नंबर 0612-2294204/205 है. इसके अलावा नागरिक सुरक्षा के 151 स्वयंसेवकों को भी तैयार किया गया है, जो गोताखोरों एवं आपदा कर्मियों की मदद करेंगे.

चार जगहों पर बना मुख्य नियंत्रण कक्ष

जेपी गंगापथ दीघा रोटरी, कलेक्ट्रेट-महेंद्रू, लॉ कॉलेज घाट तथा गायघाट पर मुख्य नियंत्रण कक्ष स्थापित का 24 पदाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है. पटना सदर अनुमंडल सहायक नियंत्रण कक्ष में 20 दंडाधिकारियों, यों पटना सिटी नियंत्रण कक्ष में पांच दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. पटना शहरी क्षेत्र के 14 क्षेत्रों में पैदल गश्ती दल प्रतिनियुक्त किया गया है. जिला नियंत्रण कक्ष में चार पालियों में 57

सुरक्षित दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है. गंगा किनारे घाटों पर कुल 94 नियंत्रण कक्ष और 13 सहायक नियंत्रण कक्ष चालू कर दिया गया है. आयुक्त कुमार रवि ने कहा कि सभी पदाधिकारी संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतेंगे. अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई की जाएगी. किसी भी प्रकार की संदेहास्पद सूचना कभी भी जिला नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या 0612-2219810 /2219234/ 9431800675) एवं पटना सदर तथा पटना सिटी स्थित अनुमंडलीय नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या 0612-2631813) एवं आपात नम्बर सेवा 112 पर तुरंत दें. जिला स्तर से त्वरित कार्रवाई की जाएगी.

अगलगी रोकने को 52 जगहों पर दमकल टीम तैनात

छठ के दौरान आग की घटना को रोकने के लिए छठ घाट सहित संवेदनशील 52 जगहों पर दमकल की टीम की तैनाती कर दी गई है. 35 जगहों पर अस्थाई फायर पोस्ट बनाए गए हैं. अस्थाई पोस्ट पर दमकल की गाड़ियों सहित दो-दो कर्मियों को लगाया गया है. इस बार टीम को आग बुझाने वाले छोटे सिलेंडर भी मुहैया कराए गए हैं. ताकि छोटी आग लगने की स्थिति में उसे तुरंत काबू में किया जाए. वहीं, इस दौरान छह क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) सक्रिय रहेगी. यह टीम संचार के साधन, उद्घोषणा यंत्र और कटर इत्यादि से लैस होगी. किसी भी घटना पर क्यूआरटी टीम तुरंत वहां पहुंच राहत कार्य में जुट जाएगी. छठ पर 500 कर्मियों की तैनाती रहेगी. वरीय अधिकारी घाटों पर घूम-घूम कर स्थिति पर नजर रखेंगे.