पटना, 19 जनवरी 2026: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए दाउदनगर, जिला औरंगाबाद के प्रमंडलीय अस्पताल के लिपिक श्री बृजमोहन लाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता श्रीमती अर्चना कुमारी ने ब्यूरो को बताया कि उनके और उनकी स्टाफ नर्स जूली के अवकाश के दिनों का हाजरी बनवाने के एवज में आरोपी लिपिक ने उनसे 2,000 रुपये रिश्वत की मांग की। अवकाश के दौरान वेतन पहले ही भुगतान किया जा चुका था।
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शिकायत के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले की जांच शुरू की। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक श्री आदित्य राज के नेतृत्व में एक धावादल बनाया गया और आज 19 जनवरी को आरोपी को उनके कार्यालय कक्ष से 2,000 रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को पूछताछ के लिए माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा। ब्यूरो ने बताया कि इस वर्ष यह उनकी नौवीं प्राथमिकी है और ट्रैप के तहत यह आठवां मामला है। अब तक कुल 6 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और कुल 75,000 रुपये की रिश्वत बरामद हुई है।
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निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और सरकारी कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की रिश्वत मांग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।