पटना: मधुबनी जिले के सकरी और दरभंगा के रैयाम में बंद पड़ी चीनी मिलों को खोलने का रास्ता साफ हो चुका है। इन दोनों स्थानों पर अब सहकारी चीनी मिलों की स्थापना की जाएगी। इसको लेकर बिहार सरकार का सहकारिता विभाग तेजी से काम कर रहा है। सोमवार को सहकारिता विभाग द्वारा इन दोनों चीनी मिलों को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड नई दिल्ली के साथ एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किया गया है।
पटना के दीप नारायण सिंह क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान में इसको लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। सहकारिता विभाग की ओर से संयुक्त सचिव मो. अब्दुल रब खां और राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड नई दिल्ली की तरफ से उसके प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवारे ने इस एमओयू पर हस्ताक्षर किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ प्रमोद कुमार ने कहा कि तत्काल सकरी तथा रैयाम में दो सहकारी चीनी मिलों की स्थापना की जा रही है। सहकारी चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना उत्पादक किसानों की सहकारी समिति बनेगी जिसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर स्थायी बाजार उपलब्ध होगा। इससे गन्ना उत्पादकों को गन्ना का उचित मूल्य प्राप्त होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई पूंजी का संचार होगा।
दोनों चीनी मिलों के लिए बनेंगे डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट
इस समझौते के तहत राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ लिमिटेड सकरी एवं रैयाम में नई चीनी मिल की स्थापना के लिए संभाव्यता प्रतिवेदन एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करेगा। इसके अतिरिक्त अन्य परामर्शी सेवाएं भी उपलब्ध करायेगा। इस मौके पर बताया गया कि सकरी एवं रैयाम में गन्ना कॉम्पलेक्स का निर्माण प्रस्तावित है जिसमें चीनी उत्पादन के साथ-साथ पावर जेनरेशन, इथेनॉल उत्पादन तथा कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) उत्पादन भी शामिल है। बंद पड़ी सकरी चीनी मिल में 30.848 एकड़ तथा रैयाम चीनी मिल में 68.176 एकड़ भूमि उपलब्ध है जिसे सहकारिता विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, निबंधक, सहयोग समितियां रजनीश कुमार सिंह,अपर निबंधक, सहयोग समितियां विकास कुमार बरियार समेत कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।