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राज्यसभा चुनाव को लेकर चिराग ने किया बड़ा दावा, महागठबंधन पर भी तंज, 5 राज्यों में चुनाव को लेकर...

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए मतदान के दौरान महागठबंधन के चार विधायक गायब रहे. इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष आपस में ही बंटा है. इसके साथ ही उन्होंने 5 राज्यों में चुनाव को लेकर कहा कि हम...

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राज्यसभा चुनाव को लेकर चिराग ने किया बड़ा दावा, महागठबंधन पर भी तंज, 5 राज्यों में चुनाव को लेकर...- फोटो : Darsh NEWS

पटना: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है और सभी दल अपने उम्मीदवार की जीत के दावे कर रहे हैं। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान भी सियासी दावे किये जा रहे हैं लेकिन इस सबके बीच बड़ी बात यह है कि कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने वोट नहीं डाला, इसके बावजूद महागठबंधन के नेता अपने उम्मीदवार की जीत का दावा कर रहे हैं। इस मामले में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने महागठबंधन में एकता नहीं होने की बात कही। उन्होंने कहा कि थोड़ी ही देर में परिणाम सामने आ जायेगा और यह भी साफ हो जायेगा कि कौन उम्मीदवार जीत रहे हैं और कौन हार रहे हैं।

NDA के सभी 5 उम्मीदवार जायेंगे राज्यसभा

पार्टी की तरफ से प्रदेश कार्यालय में आयोजित इफ्तार पार्टी में शामिल होने दिल्ली से पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं पूरे विश्वास से कह रहा हूँ साथ ही परिणाम भी थोड़ी ही देर में सामने आ जायेंगे। NDA जिस तरह से एक जुट हो कर मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा लिया है इससे यह तय है कि परिणाम में पांचों के पांचों NDA प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है। सभी लोग राज्यसभा जायेंगे और वहां पांचों सांसद NDA के होंगे। विपक्ष में मतदान के दौरान ही बंटा है, एक दूसरे के विरोध में गया, क्रॉसवोटिंग समेत अन्य बातें सामने आएँगी। NDA ने एकजुटता के साथ अपने सभी प्रत्याशियों को राज्यसभा भेज रहा है।

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विपक्ष आपस में ही बंटा है

इस दौरान चिराग पासवान ने राजद और कांग्रेस के विधायकों के मतदान में हिस्सा नहीं लेने के सवाल पर कहा कि खुद RJD के विधायक के मतदान में हिस्सा नहीं लेना और कांग्रेस के आधे विधायकों का गायब होना दर्शाता है कि विपक्ष बंटा हुआ है। ऐसे में यह दावेदारी करना कि विपक्ष का उम्मीदवार जीत कर जा सकता है यह असंभव है। वहीं राजद के तरफ से लोजपा(रा) के विधायकों के संपर्क में होने के दावे को लेकर चिराग ने कहा कि हमलोग पूरी तरह से सक्रिय रहे और मैं मानता हूँ कि कोई प्रक्रिया हो उसे गंभीरता से लेना जरुरी है। खास तौर पर जब जनप्रतिनिधियों के खुद की मतदान की बात आती है ऐसे में उस प्रक्रिया को गंभीरता से लेना चाहिए। चिराग ने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, सदन में हमारे सचेतक समेत अन्य लोग कल से ही यह सुनिश्चित करने में जुटे थे कि सभी विधायक समय से मतदान कर लें और सही मतदान करें। 

NDA घटक दलों को भी इफ्तार का न्योता

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पार्टी कार्यालय में इफ्तार पार्टी में विपक्ष के नेताओं को निमंत्रण के सवाल पर कहा कि मेरे पिता जी के समय से ही यह हमारी पार्टी में एक परंपरा रही है। इस बार भी हम उसी के अनुसार प्रदेश कार्यालय में इफ्तार कर रहे हैं। इसके साथ ही चिराग ने कहा कि मुख्य रूप से यह इफ्तार पार्टी हमारे पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया है लेकिन बावजूद इसके हमने NDA के सभी घटक दलों के नेता को भी आमंत्रित किया है और वे आयेंगे।

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मुख्यमंत्री को लेकर लोगों में है अविश्वास

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा को लेकर कहा कि हमलोग तो इंतजार कर ही रहे थे और कल निर्वाचन आयोग ने तारीखों की घोषणा कर दी है। मैं मानता हूं कि जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां NDA की एक मजबूत पकड़ है। मौजूदा परिस्थिति में जहां हमारी सरकार नहीं है वहां भी हम मजबूत हैं। पश्चिम बंगाल हो या तमिलनाडू में हमारा गठबंधन मजबूत है, इसके साथ ही असम में भी हमलोग वापस आयेंगे। पश्चिम बंगाल में भी NDA सरकार बनाएगी क्योंकि वहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरुद्ध अविश्वास काफी अधिक है। वह रह रह कर स्वतंत्र संस्थाओं के खिलाफ खुद ही मोर्चा खोलती हैं। केंद्र सरकार के हर फैसले का विरोध करने का उन्होंने आदत बना लिया है।

व्यक्तिगत लड़ाई की वजह से जनता परेशान

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीन पर नहीं उतरने देने से भी जनता में नाराजगी है। वह हर बात को लेकर अराजकता का माहौल बनाती हैं, SIR के मुद्दे पर खुद ही कोर्ट में पैरवी करने चली गईं। एक मुख्यमंत्री होने के नाते उनकी जिम्मेदारी है कि वह केंद्र सरकार के साथ तालमेल बना कर चलें, केंद्र और राज्य की सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारें। निरन्तरता की लड़ाई जारी रखती है जिसमें काफी हद तक उनकी व्यक्तिगत लड़ाई प्रधानमंत्री से होने की वजह से है और इसलिए केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में नहीं उतरने देती हैं। मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल में इस बार NDA की सरकार बनेगी।

संसदीय बोर्ड लेगा फैसला

पश्चिम बंगाल चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने के सवाल पर चिराग ने कहा कि यह चर्चा का विषय है। गठबंधन में यह चर्चा होना है साथ ही हमारे राज्य इकाई को भी फैसला लेना है। हमारे राज्य प्रभारी राजेश वर्मा असम और अन्य राज्यों में गए थे और सभी राज्य इकाई की औपचारिक रिपोर्ट एक दो दिनों में आ जाएगी और उसके बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड फैसला लेगा कि हम चुनाव लड़ेंगे या नहीं और कैसे गठबंधन करेंगे।

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