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CM नीतीश के बयान पर घमासान जारी, मंत्री अशोक चौधरी और ललन सिंह ने दिया रिएक्शन

मोतिहारी में केन्द्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के मंच से बीजेपी नेताओं से दोस्ती और संबंध की बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी, जिसके बाद से लगातार सियासी घमासान मचा हुआ है. एक के बाद एक बयानबाजी देखने के लिए मिल रही है. इसी क्रम में भवन निर्माण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि, नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी के साथ पुराने संबंध है, इसमें गलत क्या है. कई ऐसे सीनियर लीडर हैं, जो नीतीश जी के साथ थे. कई लोगों ने नीतीश जी से घर से बाहर न करने के लिए आग्रह किया था. आगे कहा कि, बीजेपी के दरवाजे पर जा कौन रहा है. हर पार्टी के लोग नीतीश जी को अपने ओर लेना चाहते हैं. 

'CM नीतीश से बीजेपी वाले लें क्लास' 

बता दें कि, नवरात्र के अवसर पर बीजेपी की ओर से फलहार कराए जा रहे हैं. जिसको लेकर मंत्री अशोक चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, हम गंगा जमुना सरस्वती वाले लोग हैं. धर्म अपनाने की चीज है, अगर हमें लगेगा कि हम मस्जिद में भी जाएं तो हम तीनों टाइम वहां जाएंगे. बीजेपी वाले महा घृणित वाले लोग हैं. डेवलपमेंट को लेकर नीतीश जी से क्लास लें बीजेपी वाले. बीजेपी दो घंटा के लिए नीतीश जी से पॉलिटिकल क्लास लेनी चाहिए.

ललन सिंह ने क्या दी प्रतिक्रिया ?   

जो मायने निकाल रहे हैं वो गलत हैं. सुशील मोदी जी हमलोग के मित्र हैं और हमलोग हमेशा ये कहते हैं. नीतीश कुमार बीजेपी के बारे कुछ नहीं बोल रहे थे. यह सब मीडिया का एजेंडा है. नीतीश जी बीजेपी के साथ क्यों जायेंगे बल्कि बीजेपी की तरफ देखेंगे भी नहीं. आगे ललन सिंह ने कहा कि, नीतीश जी ने मंच पर कहा है कि, व्यक्तिगत रिश्ता अलग है और राजनीति अलग है. नीतीश जी किसी से भयभीत नहीं होने वाले हैं. बीजेपी धोखेबाज पार्टी है. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने नीतीश जी के पीठ में छुरा भोंका है. नीतीश जी का एक लक्ष्य है कि, 2024 में बीजेपी मुक्त बनाए.

गिरिराज सिंह दे चुके हैं बयान 

बता दें कि, बीजेपी के नेताओं से दोस्ती वाले सीएम नीतीश कुमार के बयान पर बिहार में खूब बयानबाजी हो रही है. वहीं, इसको लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा था कि, यह बीजेपी के लिए प्यार नहीं था, यह बड़े भाई और छोटे भाई के बीच का झगड़ा है. जब भी लालू यादव उन पर हावी हो गए, वह (नीतीश कुमार) कहते हैं कि वह बीजेपी के साथ जाएंगे. वह लालू यादव को डराते हैं. बीजेपी के साथ-साथ पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता के दरवाजे और खिड़कियां नीतीश कुमार के लिए बंद हैं .अब उनके पास क्या बचा है? बीजेपी के दरवाजे बंद हो गए हैं.