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शपथ लेते ही सीएम नीतीश का पहला एक्शन, विधानसभा अध्यक्ष को थमाया अविश्वास प्रस्ताव

बिहार में महागठबंधन की सरकार गिर चुकी है. एक बार फिर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए के साथ बिहार में सरकार चलायेंगे. 28 जनवरी को नीतीश कुमार ने 9वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. मुख्यमंत्री और मंत्रियों की शपथ के बाद सत्ता पक्ष का पहला एक्शन सामने आया. दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. बीजेपी के नंदकिशोर यादव ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस विधानसभा सचिव को थमा दिया है. नोटिस में कहा गया है कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद वर्तमान अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी पर इस सभा का विश्वास नहीं रह गया है.

चौधरी यदि इस्तीफा नहीं देते हैं तो....

इस बीच हम आपको यह भी बता दें कि, इस नोटिस पर हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी, पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, जेडीयू के विनय कुमार चौधरी, रत्नेश सदा समेत कई और विधायकों के भी हस्ताक्षर हैं. सत्ता पक्ष को 128 तो विपक्षी महागठबंधन को 114 विधायकों का समर्थन हासिल है. एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल ईमान किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं. अवध बिहारी चौधरी आरजेडी के विधायक हैं. नोटिस में साफ कहा गया है कि, नई सरकार के आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष के ऊपर विश्वास नहीं रह गया है. चौधरी इस्तीफा नहीं देते है तो विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम 110 के तहत विधानसभा अध्यक्ष को हटाने का का संकल्प है. इसके लिए 14 दिन पहले सदन के सचिव को नोटिस देने का प्रावधान है. विधानसभा की कार्यवाही शुरु होने पर अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा सदस्य उस प्रस्ताव को पढ कर सुनाते हैं.

आज ही होगी कैबिनेट की बैठक

उसके बाद जिन सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी है उनको सदन में प्रस्ताव पढने की अनुमति मिलती है. व्यवस्था यह है कि जिस अध्यक्ष को खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, वह कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे यानि कि सभा की अध्यक्षता नहीं करेंगे. इधर आपको यह भी जानकारी दे दें कि, नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आज होने वाली है. इसमें महाधिवक्ता के मनोनयन के साथ विधानमंडल के बजट सत्र की संभावित तिथि और अन्य प्रस्ताव पर चर्चा होगी और निर्णय लिए जाएंगे. बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करेंगे. वहीं, नई सरकार बनने से 5 फरवरी से होने वाले बजट सत्र का मामला खत्म हो गया है. इसके लिए अब नयी तिथि घोषित होगी. नयी सरकार गठन के बाद उसी दिन मंत्रिमंडल की पहली बैठक होती रही है लेकिन किसी कारणों से बैठक नहीं हो सकी. वहीं, आज यह बैठक होगी.