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29 दिसंबर को CM नीतीश लेंगे बड़ा फैसला ! मिल रहे कुछ अलग ही संकेत, बुलाई अहम बैठक

19 दिसंबर को इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक हुई. यह बैठक पूरे 3 घंटों तक चली थी. लेकिन, अब भी यह सवाल कायम है कि आखिरकार इस बैठक में हुआ क्या ? एक तरफ जहां यह सवाल अब तक कायम है तो वहीं दूसरी तरफ ऐसा कहा जा रहा कि इस बैठक में कुछ हुआ हो या नहीं लेकिन सीएम नीतीश कुमार को निराशा तो जरुर ही मिली. वो भी ऐसा इसलिए कहा जा रहा क्योंकि बैठक के दौरान ना तो इंडिया गठबंधन के संयोजक को लेकर चर्चा हुई और ना ही पीएम फेस को लेकर किसी तरह की बात बन सकी. ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाथ खाली रह गए, यह चर्चा जोरों पर है.

29 तारीख को बुलाई बड़ी बैठक

बता दें कि, कहा जाता है कि बिहार के मुखिया नीतीश कुमार कब क्या फैसला ले लें यह बता पाना मुश्किल है. ऐसे में नीतीश कुमार ने अब अपनी पार्टी की बड़ी बैठक बुला ली है. आपको बता दें कि, पहले सिर्फ राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई थी लेकिन अब दूसरी ओर राष्ट्रीय परिषद की भी बैठक बुला ली गई है. जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में इस वक्त 99 सदस्य हैं जबकि राष्ट्रीय परिषद में दो सौ सदस्य हैं. 29 तारीख को सुबह पार्टी पदाधिकारी की बैठक के ठीक बाद कार्यकारिणी की बैठक होगी. वहीं, दोपहर बाद राष्ट्रीय परिषद की बैठक होगी. 

सीटों के बंटवारे को लेकर मांग

इन दोनों बैठकों से सवाल उठ रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार फिर कुछ चौंकाने वाला काम करने वाले हैं. इन दोनों बैठकों के बाद पार्टी की ओर से क्या निर्णय लिए जाते हैं, यह तो देखने वाली बात होगी. इस बीच हम आपको याद दिला दें कि, सीएम नीतीश कुमार को संयोजक बनाने और पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने की मांग पार्टी की तरफ से कई बार की गई थी. राजधानी पटना की सड़कों पर सीएम नीतीश कुमार को लेकर पोस्टर भी लगाए गए थे. हालांकि, नीतीश खुद इनकार करते रहे हैं. लेकिन, अब सीएम नीतीश ने जल्द ही सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला लिए जाने की मांग की है.  

मल्लिकार्जुन खरगे को मिला प्रस्ताव

वहीं, इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक से जुड़ी एक और खबर यह भी सामने आई थी कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पीएम कैंडिडेट बनाने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव से खरगे असहज दिखे. उन्होंने कहा है कि, अभी हमें भाजपा को हराने पर फोकस करना चाहिए, पीएम पद का मसला बाद में तय कर लिया जायेगा. जिसके बाद कहा जा रहा कि, ममता बनर्जी के इस प्रस्ताव से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जरुर झटका लगा होगा. खैर, अब तो बैठक के बाद ही कुछ क्लियर होगा कि आखिर सीएम नीतीश के मन में क्या है.