दरभंगा: दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में जातिय हिंसा के मामले ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया था। इस मामले की जानकारी मिलने के बाद पूरे राज्य में सनसनी फ़ैल गई। घटना के पांच दिनों के बाद अब जिला प्रशासन भी हरकत में आई है। मामले को लेकर डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुन्नाथ रेड्डी मामले की जानकारी लेने के लिए गांव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गांव में लोगों से बातचीत की। इस दौरान एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई गई जिसका नेतृत्व बिरौल के एसडीपीओ करेंगे।
एसएसपी ने कहा कि पूरे गांव के ब्राह्मण लोगों पर FIR दर्ज किये जाने की बात को भ्रामक बताया जा रहा है। अब एसडीपीओ के नेतृत्व में एक जांच दल गठित की गई है। जांच के दौरान प्राथमिकी में दर्ज किये गए निर्दोष लोगों के नाम हटा दिए जायेंगे जबकि दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फ़िलहाल घटना के मुख्य आरोपी हेमकांत झा और श्रीनाथ झा को पुलिस ने जेल भेज दिया है। एसएसपी ने कहा कि पूरे गांव के ब्राह्मण लोगों पर FIR निश्चित तौर पर भ्रामक है। फ़िलहाल गांव में पुलिस की चौबीस घंटे तैनाती की गई है और निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पैसे लेनदेन के विवाद में दो लोगों की लड़ाई को जातिय हिंसा का रूप दिया गया है।
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बता दें कि बीते दिनों हरिनगर गांव में पैसे के लेनदेन को लेकर दो कैलाश पासवान और हेमकांत झा के बीच कहासुनी हो गई थी जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गया। इस घटना में दोनों के बीच जम कर मारपीट हुई थी जिसमें कई लोग जख्मी हो गए थे। मामले में पासवान समाज के पीड़ित परिवार ने गांव के सभी ब्राह्मण के विरुद्ध एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया था जिसके बाद यह चर्चा का विषय बन गया था।
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