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12वीं की छात्रा आरोही का ऐसा बुक कवर, जिसे देखकर आप भी हो जाएँगे हैरान !!

12वीं की छात्रा आरोही भारद्वाज की फैंटेसी बुक “Father, You Don’t Understand” का कवर कुछ अलग ही कहानी कहता है। यह कवर पहली नज़र में ही साफ कर देता है कि यह सिर्फ ड्रैगन और किलों की कहानी नहीं, बल्कि एक पिता और बेटी के बीच की कहानी है।

father you dont understand book by aarohi
12वीं की छात्राआरोही का ऐसा बुक कवर, जिसे देखकर आप भी हो जाएँगे हैरान !!- फोटो : Darsh News

आज के दौर में जब किताबों के कवर अक्सर चमक–दमक और भारी डिज़ाइन तक सीमित रह जाते हैं, वहीं 12वीं की छात्रा आरोही भारद्वाज की फैंटेसी बुक “Father, You Don’t Understand” का कवर कुछ अलग ही कहानी कहता है। यह कवर पहली नज़र में ही साफ कर देता है कि यह सिर्फ ड्रैगन और किलों की कहानी नहीं, बल्कि एक पिता और बेटी के बीच की गहरी भावनात्मक दूरी और समझ की तलाश है। 

जहां बेटियों के लिए उनके पिता सुपर हीरो होते  हैं, बेटी के ज़िन्दगी में पिता सबसे पहला शख्श होता है जिसकी सीख हर बेटी की नीँव मानी जाति है, वही इस किताब के कवर पर “Father, You Don’t Understand” का कवर यह बताता है की आज की पीढ़ी का young mind बोल्ड होने के साथ साथ कितना भावनात्मक भी है। इस किताब का फ्रंट पेज पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी, संवाद की कमी और भावनाओं की अनकही भाषा को सामने ला रहा है। इस किताब का कवर यह साफ संदेश देता है कि रचनात्मकता उम्र या कक्षा की मोहताज नहीं होती। आज के समय में जहाँ कंटेंट की भीड़ है, वहाँ यह कवर खामोशी से अपनी बात कह रहा है। 

कवर पर दिखती स्टाररी नाइट, दूर खड़ा रहस्यमयी किला और ऊपर उड़ता ड्रैगन एक हाई-फैंटेसी दुनिया रचते हैं। लेकिन इन सबके बीच सबसे ज़्यादा ध्यान खींचता है इंसानी रिश्ता। एक बुज़ुर्ग पिता का गंभीर, थका हुआ लेकिन मजबूत चेहरा और सामने बढ़ा हुआ बेटी का हाथ — जो सवाल भी है और उम्मीद भी। दोनों के बीच की खामोशी ही इस कवर की सबसे बड़ी ताकत बन जाती है। यह सीन साफ कहता है कि “यह लड़ाई किसी ड्रैगन से नहीं, बल्कि चुप्पी से है।” जहां खामोशी के ड्रैगन से लड़ती एक बेटी है , और समझ की तलाश में खड़ा एक पिता है ।



इस कवर की खास बात इसकी visual storytelling है। बिना एक भी लाइन पढ़े, पाठक समझ जाता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। आज जब बड़े पब्लिशर्स के कवर सिर्फ टेक्निकल स्किल दिखाते हैं, वहीं एक स्कूल स्टूडेंट का बनाया कवर सीधे दिल से बात करता है। फैंटेसी एलिमेंट्स यहाँ सिर्फ सजावट नहीं हैं। ड्रैगन, किला और कॉस्मिक लाइट जैसे प्रतीक power struggle, generational conflict और authority vs emotion को दर्शाते हैं। यानी फैंटेसी यहाँ भागने का जरिया नहीं, बल्कि एक गहरा metaphor है। यही सोच इस कवर को उम्र से कहीं ज़्यादा परिपक्व बनाती है।

टाइपोग्राफी और रंगों की बात करें तो टाइटल फॉन्ट पढ़ने में आसान और फैंटेसी थीम के अनुरूप है। नीले–बैंगनी कॉस्मिक शेड्स भावनाओं और रहस्य दोनों को दर्शाते हैं। लेखक का नाम संतुलित ढंग से रखा गया है, जो इसे प्रोफेशनल लुक देता है। यह कवर Amazon Kindle और Google Books जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए भी पूरी तरह उपयुक्त दिखता है। सबसे अहम बात यह है कि आरोही भारद्वाज जैसी युवा लेखिका यह साबित करती हैं कि आज की Gen-Z सिर्फ रील्स तक सीमित नहीं है, बल्कि ये स्टोरी टेलिंग का भी आमदा रखते हैं। जब सिलेबस अक्सर क्रिएटिविटी को दबाने की कोशिश करता है, तब ऐसी रचनात्मक सोच उसी सिलेबस को चुनौती देती नज़र आती है।

यह कवर न सिर्फ एक किताब का परिचय है, बल्कि आने वाले समय के युवा लेखकों और क्रिएटर्स की दिशा भी बताता है—जहाँ कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि संवाद का माध्यम बनेगी।

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