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गृह मंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय दौरा समीक्षा बैठक के साथ खत्म, वापस गये दिल्ली...

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर बिहार के सिमांचल इलाके में थे. इस दौरान उन्होंने किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में अधिकारियों के साथ सुरक्षा और घुसपैठ को लेकर समीक्षा बैठक की तो दूसरी तरफ उन्होंने कई कार्यक्रमों में भी भाग लिया...

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गृह मंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय दौरा समीक्षा बैठक के साथ खत्म, वापस गये दिल्ली...- फोटो : Darsh NEWS

पूर्णिया: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरा पर बिहार में थे। उन्होंने सीमावर्ती जिलों किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में अधिकारियों के साथ बैठक कर घुसपैठ और सुरक्षा पर गहन मंथन किया। इस दौरान उन्होंने सीमावर्ती जिलों में मादक पदार्थों की तस्करी पर भी चर्चा की और इसे रोकने की रणनीति पर बातचीत की। शुक्रवार को गृह मंत्री ने पूर्णिया में राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की और कई निर्देश भी दिये। बैठक के बाद गृह मंत्री दिल्ली वापसी के लिए रवाना हो गए।

पूर्णिया में गृह मंत्री की बैठक करीब ढाई घंटे तक चली जिसमें गृह राज्य  मंत्री नित्यानंद राय, बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार के अलावा गृह विभाग, नारकोटिक्स विभाग, SSB और आईबी समेत अन्य कई विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद थे। तीन दिवसीय दौरे के दौरान गृह मंत्री ने राज्य में घुसपैठ और अवैध तस्करी के विरुद्ध कई रणनीतियों पर चर्चा की साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया।

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बता दें कि 25 फरवरी को अपने दौरे के पहले दिन गृह मंत्री ने किशनगंज में विभिन्न कार्यक्रम और बैठकों में हिस्सा लिया। इसके बाद 26 फरवरी को उन्होंने अररिया में SSB की दो सीमा चौकियों का उद्घाटन किया और 175 करोड़ रूपये की परियोजनाओं की शुरुआत भी की। यहां भी उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और घुसपैठ पर कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया। माना जा रहा है कि गृह मंत्री अब सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ और तस्करी रोकने को लेकर कुछ नई रणनीति तैयार कर सकते हैं और इस पर अमल भी जल्दी किया जा सकता है।

बता दें कि बिहार का सिमांचल इलाका जिसके तहत अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार जिले आते हैं। भारत की सुरक्षा की दृष्टि से यह अहम माने जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानि चिकेन नेक का प्रवेश द्वार कहा जाता है। किशनगंज जिले का भी कुछ इलाका चिकेन नेक के तहत आता है। वहां से बांग्लादेश की सीमा काफी नजदीक है और अक्सर शिकायतें आती है कि इस जगह से बांग्लादेशी और रोहिंग्या बड़ी संख्या में घुसपैठ कर रहे हैं। शाह के तीन दिवसीय दौरे के दौरान आंतरिक सुरक्षा, घुसपैठ और सीमा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों की समीक्षा की गई।

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