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बिहार में कितनों ने छोड़ी शराब? नीतीश सरकार कराएगी शराबबंदी का सर्वे

जातीय सर्वे के बाद अब नीतीश सरकार राज्य में शराबबंदी का सर्वे कराएगी. इसके लिए नीतीश सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. पटना में नशा मुक्ति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश ने कहा कि शराबबंदी लागू होने के बाद से कितने लोगों ने शराब छोड़ी और कितने लोग शराबबंदी के पक्ष और विपक्ष में हैं. इसका पता चलेगा. इस सर्वे के लिए जो खर्चा आएगा. वो राज्य सरकार देगी. नीतीश ने एक-एक घर का सर्वे करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा, राज्य में शराबबंदी जारी रहेगी चाहे कुछ लोग इसे वापस लेना चाहें.

सर्वे के लिए शराबबंदी के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव की भी जानकारी हासिल की जाएगी. साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों के साथ परिवार और समाज पर इसका कैसा असर रहा, इसकी रिपोर्ट भी तैयार कराई जाएगी. आपको बता दें अप्रैल 2016 से बिहार में शराबबंदी लागू है. नशा मुक्ति दिवस पर नीतीश ने कहा कि राज्य सरकार अब तक तीन बार सर्वे करा चुकी है.

इसी साल फरवरी में जारी रिपोर्ट में राज्य की 99 प्रतिशत महिलाओं ने शराबबंदी का समर्थन किया था. वहीं 92 हीं प्रतिशत पुरुष आबादी भी शराबबंदी के पक्ष में बताए गए थे. सर्वे रिपोर्ट में बताया गया था कि करीब 96 प्रतिशत लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है. 2022 में चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान के शोध पदाधिकारियों के सहयोग से चार हजार लोगों पर सैंपल सर्वे तैयार किया था.

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि शराब बहुत खराब है. पुलिस अवैध शराब तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है. और हर रोज तस्करों की गिरफ्तारी भी होती है. लेकिन पुलिस विभाग में भी कुछ लोग गड़बड़ी कर रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. और संलिप्तता पाए जाने पर नौकरी से बर्खास्त किया जाए. वहीं कार्यक्रम में डीजीपी आरएस भट्टी को न बुलाने पर नीतीश ने नाराजगी जताई औऱ कहा कि बिहार पुलिस के मुखिया को भी इस मौके पर बुलाया जाना चाहिए था.