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भारत में अब इंधन की नहीं होगी कमी, एस जयशंकर से बातचीत के बाद इस बात के लिए मान गया है ईरान

ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में एनर्जी क्राइसिस का आलम है. इसका सबसे मुख्य कारण है पेट्रोलियम सप्लाई के लिए सबसे व्यस्त रूट से जहाजों के निकलने पर ईरान का प्रतिबंध. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने...

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भारत में अब इंधन की नहीं होगी कमी, एस जयशंकर से बातचीत के बाद इस बात के लिए मान गया है ईरान- फोटो : Darsh NEWS

ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध की वजह से पुरी दुनिया में एनर्जी क्राइसिस चल रहा है। पूरी दुनिया के सभी देशों में इंधन को लेकर चिंता का माहौल है लेकिन इस बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर है। जानकारी मिल रही है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से कई दौर की बातचीत की जिसके बाद अब होर्मुज स्ट्रेट से भारत के झंडे वाले तेल टैंकरों को गुजरने की इजाजत दे दी है। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि इस बात के लिए ईरान तैयार हो गया है वहीं उसने अन्य देश के टैंकरों को चेतावनी दी है कि अगर अनुमति लिए बगैर आगे बढ़े तो फिर हमारे हमले झेलने पड़ सकते हैं।

बताया जा रहा है कि सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर दो दिन पहले ही होर्मुज स्ट्रेट से निकल कर मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा है। इस जहाज का कप्तान एक भारतीय है और अब इस रास्ते से निकलने वाला यह पहला जहाज बन गया है। बता दें कि 28 फरवरी से ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच शुरू हुआ युद्ध अब तक जारी है। इस बीच दोनों पक्ष एक दूसरे पर लगातार मिसाइल दाग रहे हैं और इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में तेल की कमी होने की बात सामने आ रही है। इस युद्ध की वजह से समुद्री ट्रैफिक काफी कम हो गया है और खास कर होर्मुज स्ट्रेट में लगभग ट्रैफिक बंद ही हो गया है।

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इस युद्ध की वजह से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के गुजरने पर रोक लगा दी है। ईरान ने साफ साफ कहा है कि यहां से वह जहाज सुरक्षित बिल्कुल नहीं गुजर सकते हैं जो यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के साथ अपना हित साधने के लिए जुड़े हैं। इसके साथ ही यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान से मंजूरी लेनी होगी, वरना वे हमलों का टारगेट बन सकते हैं।

बता दें कि अरब सागर और फारस की कड़ी को 55 किलोमीटर चौड़ा पानी का एक चैनल आपस में जोड़ता है और यही होर्मुज स्ट्रेट है।  यह एनर्जी सेक्टर के लिए खास हिस्सा है और यह काफी व्यस्त रूट है। यहां से हर दिन लगभग 13 मिलियन बैरल तेल गुजरता है जिस पर ईरानी प्रतिबंध की वजह से दुनिया भर में तेल के लिए हाहाकार मचा हुआ है।

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