लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की सियासत में गजब की उथल-पुथल देखने के लिए मिल रही है. दरअसल, बात हो रही है महागठबंधन की जहां सीट बंटवारे को लेकर अब टक पेंच फंसा हुआ है. लेकिन, आरजेडी की ओर से टिकट जरुर ही बांट दिए जा रहे हैं. हालांकि, सूत्रों के हवाले से जो खबर सामने आई है उसकी माने तो, लालू यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी, कांग्रेस को बिहार में 9 सीटें देने को तैयार है. आरजेडी और कांग्रेस नेताओं के बीच सीट बंटवारे पर बातचीत अंतिम चरण में है. ऐसा कहा जा रहे कि, सीटों को लेकर जल्द ही मुहर लग सकती है. इधर, गौर करें पूर्णिया सीट पर तो अब तक पूर्णिया लोकसभा सीट पर सहमति नहीं बन पाई है. कहा जा रहा कि, आरजेडी यह सीट कांग्रेस को नहीं देना चाहती है. जबकि कांग्रेस इस सीट से पप्पू यादव को चुनाव लड़ाना चाहती है.

क्या महागठबंधन में सीट बंटवारे पर सब कुछ हो गया क्लियर, पूर्णिया सीट का क्या हुआ ?

9 सीटों को लेकर चर्चा तेज

वहीं, कांग्रेस को मिलने वाले 9 सीटों को लेकर जो चर्चा सुर्खियों में है उसकी माने तो, दावा किया है कि कांग्रेस बिहार में 9 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. इनमें किशनगंज, कटिहार, सुपौल, पटना साहिब जैसी सीटें शामिल हैं. आरजेडी कांग्रेस को किशनगंज, कटिहार, सुपौल, वाल्मीकिनगर, पश्चिम चंपारण, भागलपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पटना साहिब, शिवहर, सासाराम और गोपालगंज में से 9 सीटें देने को तैयार है. हालांकि, इसमें पूर्णिया लोकसभा शामिल नहीं है. चर्चा है कि, यह सीट आरजेडी अपने पास ही रखना चाहती है. बताया जा रहा है कि जेडीयू छोड़कर आरजेडी में आईं विधायक बीमा भारती को पूर्णिया से उम्मीदवार बनाया जा सकता है.

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पूर्णिया सीट पर तकरार बरकरार

इधर, याद दिला दें कि, हाल ही में जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय करने वाले पूर्व सांसद पप्पू यादव को लेकर आरजेडी और कांग्रेस में तकरार चल रही है. पप्पू यादव कांग्रेस के टिकट पर पूर्णिया से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. वे कई बार इसका ऐलान भी कर चुके हैं. लेकिन, जैसा कि लगातार ऐसी चर्चा हो रही है कि, आरजेडी यह सीट कांग्रेस को देने को तैयार नहीं है. आरजेडी ने उन्हें मधेपुरा से चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव भी दिया है, लेकिन पप्पू यादव पूर्णिया पर ही दावेदारी ठोक रहे हैं. दोनों पार्टियों के बीच इस सीट पर बात अभी तक नहीं बन पाई है. तो कुल मिलाकर देखा जाए तो महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर माथापच्ची पूरी तरह से बनी हुई है, देखना होगा कब तक इस पर सहमति बन सकती है.  

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