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हमास यानी इस्लामिक प्रतिरोध... जानें कैसे वजूद में आया ये आतंकी संगठन जो चाहता है इजरायल का खात्मा!

फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास ने शनिवार को इजरायल पर अब तक सबसे भीषण हमला किया है. हमास के लड़ाकों ने जल-थल और नभ तीनों जगहों से इजरायल को निशाना बनाया जिसमें 300 से ज्यादा लोग मारे गए जबकि सैकड़ों की संख्या में घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग बंधक भी बनाए गए हैं.

शनिवार को जो तस्वीरें और वीडियो इजरायल से आए वो दिल दहला देने वाले थे जहां हमास के आतंकी आम लोगों के साथ बर्बरता कर रहे थे.  इन सबके बीच आम लोगों के मन में भी एक सवाल है कि आखिर हमास है कौन? जिसने इजरायल के अभेद्य माने जाने वाले सुरक्षाचक्र की धज्जियां उड़ा दीं. 

हमास एक फिलिस्तीनी इस्लामी आतंकवादी संगठन है जिसका गाजा पट्टी पर कब्जा है. हमास ने इजरायल खात्मे की शपथ ली है और 2007 में गाजा में सत्ता संभालने के बाद से उसने इजरायल के साथ कई युद्ध लड़े हैं. उन युद्धों के बीच, इसने इज़रायल पर हजारों रॉकेट दागे और अन्य घातक हमले भी किए. इजरायल ने भी हमास पर बार-बार हवाई हमले किए हैं, और मिस्र के साथ मिलकर, अपनी सुरक्षा के लिए 2007 से गाजा पट्टी को ब्लॉक कर दिया. 

फिलिस्तीनी समूह हमास क्या है?

हमास, यानि इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन की स्थापना 1987 में पहले फ़िलिस्तीनी इंतिफ़ादा के दौरान हुई थी. इंतिफादा का मतलब बगावत करना या विद्रोह करना होता है, इसको ईरान का समर्थन प्राप्त है और इसकी विचारधारा मुस्लिम ब्रदरहुड की इस्लामी विचारधारा से मेल खाती है, जिसे 1920 के दशक में मिस्र में स्थापित किया गया था.

इस आतंकी संगठन का मकसद फिलिस्तीन में इस्लामिक शासन स्थापित करना और इजरायल का विनाश करना है. 12 साल की उम्र से व्हीलचेयर पर रहने वाले अहमद यासीन ने हमास की स्थापना सेख अहमद यासीन ने की थी. यासीन ने 1987 में इजराइल के खिलाफ पहले इंतिफादा का ऐलान किया था.

2007 में हमास ने वेस्ट बैंक में सत्ता पर काबिज और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के प्रमुख राष्ट्रपति महमूद अब्बास के लड़ाकों को एक गृह युद्ध शिकस्त दी थी.

2006 में फिलिस्तीनी संसदीय चुनावों में अपनी जीत के बाद हमास ने गाजा पर कब्ज़ा कर लिया था. तब यहां आखिरी बार चुनाव आयोजित हुए थे.  हमास ने महमूद अब्बास पर उसके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया. वहीं अब्बास ने गाजा पर हमास के कब्जा करने को तख्तापलट करार दिया था. तब से, इज़रायल के साथ हमास का कई बार युद्ध हो चुका है, जिनमें अक्सर गाजा से इज़रायल की तरफ उसके द्वारा रॉकेट दागे जाते हैं. जवाब में इजरायली भी हवाई हमले और बमबारी करता है.

हमास इजरायल को मान्यता देने से इनकार करता रहा है. और 1990 के दशक के मध्य में इज़रायल और पीएलओ द्वारा बातचीत किए गए ओस्लो शांति समझौते का हिंसक विरोध किया. हमास के पास इज़ अल-दीन अल-क़सम ब्रिगेड नामक एक सशस्त्र विंग है, जिसने इजरायल में कई बंदूकधारी और आत्मघाती हमलावर भेजे हैं. हमास अपनी सशस्त्र गतिविधियों को इजरायली कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध के रूप में वर्णित करता है.

इसके 1988 के संस्थापक चार्टर में इजरायल के विनाश का आह्वान किया गया था.  हालांकि हमास के नेताओं ने कई बार 1967 के युद्ध में इजरायल द्वारा कब्जाए गए सभी फिलिस्तीनी क्षेत्र पर एक व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य के बदले में इजरायल के साथ दीर्घकालिक संघर्ष विराम (अरबी में हुदना) की पेशकश भी की है. दूसरी तरफ इजरायल इसे एक प्रपंच मानता रहा है.

हमास को इज़राइल, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, कनाडा, मिस्र और जापान द्वारा एक आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया गया है. वहीं हमास एक क्षेत्रीय गठबंधन का हिस्सा है जिसमें ईरान, सीरिया और लेबनान में शिया इस्लामी समूह हिजबुल्लाह शामिल हैं, जो मध्य पूर्व और इजरायल में अमेरिकी नीति का व्यापक रूप से विरोध करते हैं.

हमास की शक्ति का आधार गाजा में है, हमास के पास फिलिस्तीनी क्षेत्रों में भी समर्थक हैं और इसके नेता कतर सहित मध्य पूर्व के देशों में फैले हुए हैं. हमास की तरफ से शनिवार को किया गया रॉकेट हमला पिछले अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है.