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बिहार राज्य की काराओं में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद अब खादी मॉल एवं बिहार संग्रहालय में उपलब्ध

बिहार राज्य की काराओं में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद अब खादी मॉल एवं बिहार संग्रहालय में उपलब्ध

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बिहार राज्य की काराओं में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद अब खादी मॉल एवं बिहार संग्रहालय में उपलब्ध- फोटो : Darsh News

पटना: बिहार सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत कारा एवं सुधार सेवाएँ द्वारा कारा में संसीमित बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद अब पटना स्थित गांधी मैदान के खादी मॉल एवं बिहार संग्रहालय की हैन्डीक्रैफ्ट दुकान में उपलब्ध कराए गए हैं। इस पहल का शुभारंभ 20 जनवरी को गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार ने गांधी मैदान स्थित खादी मॉल में फीता काटकर किया।

इस अवसर पर खादी मॉल में “मुक्ति” ब्रांड के उत्पादों का शुभारंभ करते हुए गृह सचिव-सह-कारा महानिरीक्षक प्रणव कुमार ने कहा कि कारा में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पादों को बिक्री के लिए शोकेस किया गया है, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि ये सभी उत्पाद पूर्णतः बंदियों द्वारा निर्मित हैं तथा उनकी गुणवत्ता उच्च स्तर की है। उन्होंने बताया कि  कार्य कर रहे बंदियों को उनके परिश्रम का पारिश्रमिक दिया जाता है, साथ ही एक हिस्सा पीड़ित परिवारों को भी प्रदान किया जाता है। जिससे पीड़ित परिवार को न्याय और समाजिक सहारा मिलता हैl यदि कोई व्यक्ति मुक्ति उत्पाद खरीदता है तो बंदी को एक अवसर, एक परिवार को सहारा एवं समाज को एक बेहतर भविष्य देता हैl आने वाले समय में मुक्ति उत्पादों की बिक्री एवं उत्पादन में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। इस पहल को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को उन्होंने बधाई दी।

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बिहार संग्रहालय के महानिदेशक एवं पूर्व मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने इस अवसर पर कहा कि कारा में बंदियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पाद अत्यंत सुंदर एवं गुणवत्तापूर्ण हैं, जिन्हें बिहार संग्रहालय की हैन्डीक्रैफ्ट दुकान में उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस माध्यम से ये उत्पाद घर-घर तक पहुँचेंगे। उन्होंने बताया कि बिहार संग्रहालय की दुकान से प्रतिवर्ष लगभग दो करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री होती है और अब काराओं में बंदियों द्वारा निर्मित उत्पाद भी आम जनता तक पहुँच सकेंगे।

इस अवसर पर गृह विभाग (कारा) के अपर सचिव -सह- निदेशक (प्रशासन) संजीव जमुआर, उप महानिरीक्षक -सह-निदेशक कर्मशाला जवाहर लाल प्रभाकर, निदेशक प्रोबेशन चर्या अजफर इमाम आज़ाद, संयुक्त सचिव विनोद कुमार दास, बेउर जेल के उप महानिरीक्षक- सह- अधीक्षक नीरज कुमार झा, प्रशासी पादाधिकारी खादी मॉल, अभय कुमार सिंह, सहायक कारा महानिरीक्षक (क्षे) राजीव कुमार,  सहायक कारा महानिरीक्षक (मु) राजीव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट


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