बिहार में नई शिक्षक बहाली नियमावली को लेकर भाजपा लगातार तेजस्वी यादव से इस्तीफे की मांग पर अड़ी है. इसी को लेकर भाजपा का आज विधानसभा मार्च था.  तेजस्वी के द्वारा वादा किया गया था कि 10 लाख लोगों को नौकरी देंगे.  इन्ही मुद्दों को लेकर 13 जुलाई को बीजेपी ने गांधी मैदान से विधानसभा मार्च निकाला था, जिसपर खूब बवाल भी हो रहा है. इस मार्च को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने नौटंकी बताया है. जेडीयू के प्रवक्ता अभिषेक झा ने गुरुवार को बयान देते हुए हमला बोला और केंद्र सरकार को भी घेरा.

Bihar Politics: बीजेपी के विधानसभा मार्च को सीएम नीतीश की पार्टी ने बताया नौटंकी, उल्टा पूछ दिया यह सवाल

जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने कहा कि यह बिहार का दुर्भाग्य है कि बिहार में बीजेपी के रूप में एक नकारात्मक विपक्ष है जिसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता ओछी और घटिया राजनीति करना है. सदन जनता के पैसों से जनता के लिए चलता है और सदन में जनता से जुड़े मुद्दों का हल होना चाहिए. बीजेपी के लोग सकारात्मक विपक्ष के रूप में अपने सवाल सदन में उठा सकते थे लेकिन विधानसभा मार्च के माध्यम से यह लोग राजनीतिक नौटंकी को बढ़ावा दे रहे हैं. सड़कों पर लोटपोट कर प्रदर्शन करेंगे.


जेडीयू ने क्या कहा? सवालों की लिस्ट देखें


बिहार बीजेपी के नेताओं को चुनौती है कि केंद्र की सरकार से बिहार के हक का सवाल पूछें.

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा कब मिलेगा?

पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा कब मिलेगा?

दरभंगा एम्स और पूर्णिया एयरपोर्ट का मसला कब हल होगा?

बेरोजगारी और महंगाई कब दूर होगी?

गरीबों के खाते में पैसे कब आएंगे?

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'असली चेहरे और चरित्र को पहचान चुकी है जनता'

अभिषेक झा ने कहा कि बिहार बीजेपी के नेताओं में इतनी हिम्मत नहीं है कि अपने आलाकमान को नाराज कर सकें इसलिए इस तरह की राजनीतिक नौटंकी कर रहे हैं. बिहार की जनता इनके असली चेहरे और चरित्र को पहचान चुकी है और आने वाले चुनाव में इनका सूपड़ा साफ कर देगी.