पटना: एक तरफ बिहार सरकार के मुखिया समेत पूरा सरकारी महकमा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते हैं तो दूसरी तरफ एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने बिहार के शिक्षा मंत्री को निरुत्तर कर दिया। यह मामला सामने लाने भी सीएम नीतीश के गृह जिला के JDU विधायक हैं जिन्होंने शिक्षा मंत्री से जब सवाल किया तो फिर उनकी बोलती बंद हो गई। दरअसल उन्होंने शिक्षा विभाग पर करोड़ों का गबन करने वाले एक अधिकारी को प्रमोशन दिए जाने का मुद्दा विधानसभा में उठाया जिसके बाद सरकार सकते में आ गई।
दरअसल सदन की कार्यवाही के दौरान अस्थावां के विधायक जितेन्द्र कुमार ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि नालंदा के एक पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी पर बेंच डेस्क खरीद में करोड़ों रूपये के गबन का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच भी कराई गई और तत्कालीन अधिकारी को दोषी भी पाया गया लेकिन बावजूद इसके उनके विरुद्ध कार्रवाई किये जाने के उन्हें पटना में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक बना दिया गया। यह कार्रवाई है या रिवॉर्ड। विधायक ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि गबन के आरोप के बाद जिला निगरानी समिति की जांच में अधिकारी दोषी भी पाए गए थे तो क्या उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी?
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JDU विधायक के सवाल पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि माननीय सदस्य जवाब से संतुष्ट नहीं हैं। हमें अलग से भी इसकी जानकारी दी है। हमलोग मुख्यालय स्तर पर इसकी समीक्षा करेंगे, अगर दोषी पाए जाते हैं तो फिर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इस जवाब के बाद JDU विधायक ने कहा कि डीएम और उप विकास आयुक्त ने जांच की थी जिसमें तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी दोषी पाए गए थे। बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी फिर भी उन्हें RDDE बना दिया गया जबकि उन्हें निलंबित करते हुए नाजायज धन उगाही की वसूली की जाएगी? इसके बाद शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि पूर्व में जो जिला शिक्षा पदाधिकारी दोषी पाए गए थे उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। विधानसभा का सत्र खत्म होने के बाद अपर मुख्य सचिव के स्तर पर हम इस मामले की जांच करवाएंगे।
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