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बक्सर में दिख रहा है केके पाठक का खौफ, पिछले एक सप्ताह से बक्सर आने की अफवाह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियो की उड़ा रखी है नींद

बक्सर. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक का खौफ ने पूरे प्रदेश के शैक्षणिक व्यवस्था की दशा और दिशा दोनों को बदलकर रख दिया है. उनके नाम का ऐसा दहशत है कि पिछले एक सप्ताह से बक्सर में आने की अफवाह मात्र से, जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर डीपीओ तक प्रति दिन चाय के लिए दूध और नास्ते के साथ बुके और मिठाई लेकर जिला अतिथि गृह में वाइब्रेशन करते दिखाई दे रहे हैं. जिसे देखकर हर कोई हैरान है और लोग सोचने पर मजबूर हैं कि एक नौकर शाह खुद का स्वार्थ छोड़कर दिल से बदलाव  चाह दे तो क्या नहीं बदलेगा.

गुरुवार को अधिकारी संग परेशान रहे गुरु जी

गुरुवार को दोपहर 12 बजे जिले में एक अफवाह उड़ी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रोहतास, कैमूर मोहनिया होते बक्सर जिला अतिथि गृह में पहुंच रहे हैं. नगर परिषद क्षेत्र के स्कूल की जांच होगी, देखते ही देखते जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने गाड़ी में चाय के लिए दूध, नास्ते का समान और बुके लेकर पहुंच गए. कुछ ही देर बाद मध्याह्न भोजन के डीपीओ से लेकर शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियो का जमावड़ा लग गया. अधिकारियो के बैठने के लिए रूम नम्बर दो में व्यवस्था की गई, लेकिन अधिकारी बैठने की बजाए बार -बार बाहर निकलकर गेट की तरफ देख रहे थे. जिला अतिथि गृह में पहले से मौजूद जनप्रतिनिधि से लेकर बाहरी लोग समझ नहीं पा रहे थे कि माजरा क्या है. इसी दौरान किसी ने बताया कि केके पाठक जी आ रहे हैं. पिछले एक सप्ताह से यह अफवाह उड़ी है, उनके ही स्वागत के लिए यह तमाम व्यवस्था की जा रही है. स्कूलों में झाड़ू लगाया जा रहा है. शिक्षकों को समय से पहले स्कूल नही छोड़ने की चेतावनी दी गई है. शाम 6 बजते-बजते जब अधिकारियों को यह ज्ञात हुआ कि आज भी अफवाह ही उड़ा है जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली और अपने घर चले गए.

बदल गया है गुरु जी का कार्य शैली

ऐसा नहीं है कि केके पाठक के नाम की खौफ केवल शहरी क्षेत्र में ही है. जिला मुख्यालय से दूर ग्रामीण स्कूल के गुरु जी भी इन दिनों समय से स्कूल पहुचकर प्रतिदिन स्कूल की साफ सफाई से लेकर पढ़ाई तक पर विशेष ध्यान दे रहे हैं. स्कूल में डिसिप्लिन देख अब जिले के लोग उस पदाधिकारी से मिलने को बेताब दिखाई दे रहे हैं. जिसके खौफ मात्र से ही स्कूल की व्यवस्था बदल गई, और गुरु जी खेती बारी छोड़कर बच्चो को पढ़ाने लगे हैं.

गौरतलब है कि केके पाठक द्वारा शिक्षा विभाग में की गई सख्ती और निलम्बन की कार्रवाई से पूरे प्रदेश में हड़कम्प मचा हुआ है. पिछले एक सप्ताह से जिले में आने की उड़ी अफवाह मात्र ने विभाग की तस्वीर ही बदल डाली है.