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लैंड फॉर जॉब केस : आज होगी कोर्ट में सुनवाई, दोनों पक्षों की ओर से पेश की जायेंगी दलीलें

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के लिए आज का दिन बेहद ही खास माना जा रहा है. दरअसल, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में आज लैंड फॉर जॉब्स मामले में सुनवाई होने वाली है. आज दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की जाएगी. सुनवाई के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की तरफ वकील अपना पक्ष रखेंगे. कहा जा रहा कि, इस दौरान वे केस से नाम हटाने की मांग कर सकते हैं. 

CBI पेश करेंगी दलील 

उधर, लालू-तेजस्वी के पक्ष सुनने के बाद सीबीआई के वकील की तरफ से भी दलीलें पेश किये जायेंगे. दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट लैंड फॉर जॉब्स मामले में चार्ज फ्रेम करेगा. जिसके बाद आज दिन लालू परिवार के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बता दें कि, पिछली सुनवाई के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व सीएम राबड़ी देवी और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को कोर्ट से बड़ी राहत दी गई थी. तीनों को राउज एवन्यू कोर्ट से 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत दी गई थी.

क्या कुछ हुआ था पिछली सुनवाई में ?

बता दें कि, पिछली सुनवाई में लैंड फॉर जॉब मामले में दाखिल सीबीआई की चार्जशीट पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लिया था. तब कोर्ट ने बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, लालू यादव समेत 17 आरोपियों को समन जारी किया था. यह समन राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल सीबीआई जज (एमपी/एम एल ए) गीतांजलि गोयल की कोर्ट ने समन जारी किया था. इस चार्जशीट में पहली बार बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को आरोपी बनाया गया था. इसके साथ ही लालू यादव को लेकर सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि, लालू प्रसाद यादव के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है.

ये है पूरा मामला 

CBI के वकील की ओर से कहा गया था कि, मामले में तीन रेलवे के अधिकारियों महीप कपूर, मनोज पांडे, और डॉ PL बंकर के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाजत मिल गई है. बता दें कि, 3 जुलाई को सीबीआई ने लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में नई चार्जशीट दाखिल की थी. दरअसल, 2004 से 2009 के बीच रेलमंत्री रहे लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल के दौरान हुआ था लैंड फॉर जॉब घोटाला हुआ था जिसके तहत लोगों को जमीन के बदले रेलवे के अलग-अलग डिविजन में नौकरी देने का आरोप लगाया गया था.