नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया है। अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किये हैं। अब इस मामले में खबर मिल रही है कि लोकसभा अध्यक्ष ने अपने विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उनके विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर जब तक फैसला नहीं हो जाता है तब तक वे अब लोकसभा में नहीं जायेंगे और कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। हालांकि ऐसा कोई नियम नहीं है लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने पद की गरिमा को लेकर एक लकीर खिंची है और अपने विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होने तक अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठने का फैसला लिया है।
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इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने की चर्चा के बाद विपक्ष को कहा कि आप सबसे पहले यही काम कर लें। इसके साथ ही उन्होंने महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया कि उन्हें पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस की जांच करें और उचित कार्रवाई करें। बता दें कि विपक्ष ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाये जाने को लेकर अविश्वास प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा था। विपक्ष ने उनके ऊपर सदन में पक्षपात करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे आरोप लगाने तथा पद का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है।
बता दें कि बजट सत्र में लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नहीं बोलने देने का आरोप लगाया था। इस संबंध में लोकसभा सचिवालय के सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर नोटिस मिली है और नियम के अनुसार उस के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
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