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सहरसा में होते-होते टला बड़ा रेल हादसा, घंटों मशक्कत के बाद रवाना हो सकी ट्रेन

सहरसा मानसी रेलखंड पर देर रात एक बड़ा रेल हादसा टला. देर रात सहरसा से पाटलिपुत्र जंक्शन जा रही जनहित एक्सप्रेस ट्रेन का कपलिंग टूटने से ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई. जिससे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. दरअसल, सहरसा मानसी रेलखंड के सिमरी बख्तियारपुर कोपरिया स्टेशन के बीच जनहित एक्सप्रेस ट्रेन का कपलिंग टूट गया. जिससे एस2, स्लीपर जेनरल व गार्ड बोगी पीछे छूट गया और 13 बोगी को लेकर इंजन आगे बढ़ गया जो कोपरिया स्टेशन पर जाकर रुक गया. वहीं, दूसरी ओर पीछे छूटी बोगी भी कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद रुक गई. जिसे बाद में दूसरी इंजन को भेजकर कोपरिया स्टेशन मंगवाया गया. फिर घंटों मशक्कत के बाद ट्रेन काफी विलम्ब से लगभर तड़के सबेरे चार बजे पाटलिपुत्र जंक्शन के लिए रवाना हुआ. निश्चित रूप से रेलवे की लापरवाही से एक बड़ा ट्रेन हादसा होते-होते टल गया.

किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. वहीं, ट्रेन में सफर कर रहे यात्री मनोज पासवान की माने तो वे लोग एस3 के रिजर्वेशन बोगी में बैठकर यात्रा कर रहे थे. उसी दौरान सिमरी बख्तियारपुर से कुछ दूर आगे बढ़ते ही एस2 बोगी हमारी बोगी से अलग हो गया और कई बोगी पीछे छूट गया. उन्होंने कहा कि, यह रेलवे का दुर्भाग्य है कि, इस तरह की घटना हुई. सच पूछिए तो एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई. इसके लिए उन्होंने रेलवे ड्राइवर को धन्यवाद देते हुए कहा कि, ट्रेन की रफ्तार तेज नहीं थी. यदि ट्रेन तेज रफ्तार से जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था.

मानी जा रही रेलवे की लापरवाही

वहीं, इस मामले को लेकर समस्तीपुर मंडल के डीआरएम विनय श्रीवास्तव ने कहा कि, बुधवार की देर रात 12.05 बजे जनहित एक्सप्रेस की एस3 और एस2 बोगी के बीच का कपलर टूट गया था. एस2 बोगी को हटाकर जांच के लिए सहरसा कोचिंग डिपो भेजा गया है. मध्य रात ढाई बजे लाइन क्लियर हो गई. साढ़े तीन बजे जनहित एक्सप्रेस पाटलिपुत्र के लिए खुली. हटाए गए कोच के यात्रियों को खाली बर्थ पर एडजस्ट करके पटना की ओर भेजा गया. सच मायने में देखा जाय तो रेलवे की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है और एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बचा है. जरूरत है इसकी गंभीरता से जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे जिससे भविष्य में दोबारा ऐसी गलतियां न दुहराई जा सके.

सहरसा से नीरज कुमार की रिपोर्ट