पटना: बिहार में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है और इस दौरान कई तरह के सवाल सरकार पर उठ रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकार भी कई नए नियमों को लागू करने का वादा कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान डीजे बजाये जाने के एक सवाल पर मंत्री ने 15 दिनों के अंदर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गाड़ियों से छेड़छाड़ कर डीजे वाहन बनाये जाने पर कार्रवाई की बात कही तो दूसरी तरफ उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए सड़क पर नमाज पढना बंद करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को हताश और निराश बताया तथा राज्य के विकास में विपक्ष के योगदान को नगण्य बताया।
सत्र समाप्ति के बाद मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने 42 विधायकों को उच्च न्यायालय से नोटिस मामले में कहा कि अभी इस मामले की जानकारी नहीं है इसलिए कुछ कह नहीं सकते हैं। हम पूरे मामले की जानकारी लेंगे फिर बतायेंगे क्योंकि यह मामला न्यायालय से जुड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने सदन में विपक्ष के हंगामा को लेकर कहा कि विपक्ष हताश और निराश है। विपक्ष के नेता परेशान हैं। पूरे बजट सत्र में वह लगभग गायब ही हैं, विपक्ष की जिम्मेवारी होती है। नेता प्रतिपक्ष को सदन में शत प्रतिशत उपस्थित रहना चाहिए और सशक्त भूमिका निभाते हुए अपने विधायकों के मनोबल को बढ़ाना चाहिए। यहां जिसका नेता ही हताश और निराश हो, सदन से गायब हो, जनता के विश्वास पर खड़ा न उतरे, वैसे में ये लोग आने वाले दिनों में पूरी तरह से लिप्त हो जायेंगे।
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इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने बेतिया राज की जमीन को लेकर कहा कि इस जमीन की सुरक्षा और संरक्षण के लिए सरकार प्रक्रिया बनाएगी और किसी भी भू-माफिया को इसका लाभ नहीं उठाने देगी। इस दौरान उन्होंने सड़क पर नमाज पढने को लेकर कहा कि आस्था का केंद्र लोगों का अपना घर या मंदिर या अन्य पवित्र जगह होता है। सड़क तो सभी के चलने के लिए होता है और अगर इस तरह से आस्था का प्रदर्शन हम करने लगें तो फिर अराजकता का माहौल बनने की संभावना बनी रहती है। इसलिए आज सबका साथ, सबका विकास के साथ सबके आस्था का सम्मान करने की जरूरत है। उन्होंने खुले में मांस मछली के बिक्री पर रोक लगाये जाने को लेकर भी कहा कि यह स्वास्थ्य और समाज के हित में नहीं है। लोगों को इससे बचना चाहिए।
मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने रमजान के दौरान ड्राई डे लागू किये जाने की मांग को लेकर कहा कि हमने तो साफ शब्दों में कहा है और अपने विभाग में विचार भी कर रहे हैं कि सभी मंदिरों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मांस मछली की दुकानें न रहे यह सुनिश्चित की जाएगी। बिहार में दारू तो बंद है लेकिन मांस मछली की दुकानें भी हिंसात्मक प्रवृति को बढ़ावा देती है और बच्चों का मन कोमल होता है। इसके साथ ही सरकार नशे को लेकर भी पूरी तरह से सक्रिय है और राज्य में सूखे नशे पर भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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