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ना मोहब्बत मुकम्मल हुई और ना ही शादी में खुशी मिली, कुछ इस तरह अधूरे रह गए मधुबाला के सपने

दोस्तों आज हम बात करेंगे अपने जमाने की मोस्ट टैलेंटेड और खूबसूरत अदाकारा मधुबाला की. भारतीय बॉलीवुड के सबसे खूबसूरत चेहरों की जब भी बात होती है तो लोग मधुबाला का नाम सबसे पहले लेते हैं. और मधुबाला का नाम लेते ही आपके जेहन में उनकी कई छवियां उभर आती हैं जो किसी शहजादी से कम नहीं लगता. मोहक, खूबसूरत, दिलकश, ताजगी से भरपूर और जिसके चेहरे से नूर टपकता रहा हो, तो आप शायद ही मधुबाला के अलावा किसी दूसरे चेहरे के बारे में सोच पाएं. मधुबाला की दीवानगी आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोलती है. फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में अनारकली का किरदार निभाने के बाद मधुबाला लोगों की नजरों में अनारकली के ही रूप में बस गयीं. उन्हें 'वीनस ऑफ इंडियन सिनेमा','द ब्यूटी ऑफ ट्रेजेडी' समेत कई तरह के उपनामों से जाना जाता है. 

'ज्वार भाटा' के सेट पर पहली बार दिलीप कुमार से मिली मधुबाला

लेकिन, मधुबाला चकाचौंध वाली दुनिया में भी अपने आखिरी वक्त में अकेली रह गई. जिस दिलकश अदाकारा के चाहनेवालों की कमी नहीं थी, उसे ना तो इश्क में और ना ही शादी में खुशियां मिली. जी हां... अब हम आपको पूरी कहानी बताते हैं... आपने मधुबाला और दिलीप कुमार के प्रेम कहानी के बारे में तो सुना ही होगा. बात शादी तक पहुंच गई थी लेकिन फिर भी यह प्रेम कहानी मुकम्मल नहीं हो सकी. आखिर ऐसा क्यों ? दरअसल, हुआ यूं कि ग्यारह साल की उम्र में मधुबाला 'ज्वार भाटा' के सेट पर दिलीप कुमार से पहली बार मिली थीं. इसके कई वर्ष बाद जब वह 1951 में तराना के सेट पर उनसे मिलीं तो मधुबाला ने अपनी एक महिला सहायिका को एक लाल गुलाब के साथ उर्दू में लिखे एक नोट के साथ यह कहते हुए भेजा कि अगर वह उससे प्यार करते हैं तो उसे स्वीकार कर लें. जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. इसके बाद वे दोनों एक साथ कुल चार फिल्मों में दिखाई देने वाली लोकप्रिय रोमांटिक जोड़ी बन गए थे.

अधूरी रह गई दोनों की प्रेम कहानी 

पत्रकार पंडित के. राजदान ने अपनी आत्मकथा में लिखा है, 'मधुबाला और दिलीप कुमार का हाथ पकड़कर रॉक्सी सिनेमा में प्रवेश करने का दृश्य मेरी स्मृति के पर्दे से कभी नहीं मिट सकता.' इस मौके को कैमरों ने कैद कर लिया और पत्रकारों में हड़कंप मच गया, मधुबाला की प्यार में डूबी तस्वीर को कैद कर लिया. इसके बाद दोनों के शूटिंग के बाद ड्राइव के कई किस्से चर्चा में आने लगे. ऐसा लग रहा था कि वे किसी भी दिन शादी कर लेंगे. कहा जाता है कि, एक दिन दिलीप मधुबाला के साथ उनके मेकअप रूम में थे. दिलीप कुमार ने मधुबाला को अपने साथ जाने और उसी दिन शादी करने के लिए कहा. शादी की शर्त थी कि मधुबाला को अपने पिता को छोड़ना होगा और फिर कभी उनसे मिलना नहीं होगा. मधुबाला के लिए ये असंभव था. दिलीप कुमार ने उनसे बार-बार आग्रह किया. उन्होंने पूछा कि क्या इसका मतलब है वह शादी करने को तैयार नहीं थी ? दिलीप साहब ने मधुबाला से कहा कि, अगर वह अब चला गया, तो वह कभी नहीं लौटेगा. मधुबाला चुप थी. अंत में, वही हुआ. दिलीप साहब उठे और हमेशा के लिए मधुबाला के जीवन से दूर चले गए. ऐसे में दोनों की प्रेम कहानी अधूरी रह गई.

फिर मधुबाला ने किशोर कुमार से की शादी  

इस प्रेम कहानी के समाप्त होने के बाद मधुबाला ने किशोर कुमार से शादी कर ली. जबकि कुछ साल बाद दिलीप कुमार ने ब्यूटी क्वीन सायरा बानो से शादी कर ली. इधर, मधुबाला के दिल में छेद होने के कारण उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. मधुबाला को इस बीमारी का पता तब चला जब उन्हें फिल्म मुगल-ए-आजम के सेट पर खून की उल्टी हुई. डाक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनके दिल में छेद है. उनकी बीमारी के बारे में जानने के बाद भी किशोर कुमार ने उनके साथ शादी की और बीमारी के इलाज के लिए उन्हें लंदन भी ले गए. लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. उसके बाद किशोर कुमार ने मधुबाला को उनके पिता के पास उन्हें यह कहकर छोड़ दिया कि, वे उनकी देखभाल नहीं कर सकते क्योंकि वे अक्सर बाहर रहते हैं. हालांकि, किशोर कुमार दो महीने में एक बार उनसे मिलने जरूर आते थे. लेकिन, जिंदगी और मौत की जंग में मौत जीत गई. 23 फरवरी 1969 को मधुबाला ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. इस तरह से ना ही मोहब्बत में और ना ही शादी में मधुबाला को खुशी मिल पाई.