Daesh News

नेपाल के सांसद ने बिहार से खरीदी फर्जी सर्टिफिकेट, चीन में पढ़ने की तैयारी; हुए गिरफ्तार

शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में गुरुवार को एक नेपाली सांसद को गिरफ्तार कर लिया गया. नेपाली कांग्रेस के सांसद सुनील कुमार शर्मा ने कथित तौर पर बिहार से उच्च माध्यमिक शैक्षणिक डिग्री खरीदी और इसका इस्तेमाल चीन में उच्च अध्ययन करने के लिए किया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने पुलिस प्रवक्ता कुबेर कदायत के हवाले से बताया कि नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CIB) की एक टीम ने नेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी के प्रतिनिधि सभा के सदस्य सुनील शर्मा को काठमांडू से गिरफ्तार किया है.

मोरांग-3 निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए सुनील शर्मा को नेपाली कांग्रेस में शेखर कोइराला खेमे का करीबी माना जाता है और उनकी गिरफ्तारी ने सत्तारूढ़ गठबंधन में हलचल पैदा कर दी है. कुछ मेडिकल कॉलेजों और निजी कॉलेजों के मालिक सुनील शर्मा की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब उन्होंने पिछले महीने एक छापे में जब्त किए गए 100 किलोग्राम सोने की कथित तस्करी पर गृह मंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ और वित्त मंत्री प्रकाश शरण महत का इस्तीफा मांगा था.

पिछले महीने 18 जुलाई की रात को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कस्टम से बिना पता चले लगभग 100 किलोग्राम सोने की तस्करी के संबंध में एक भारतीय और एक चीनी नागरिक सहित 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. नेपाल और विश्व संदर्भ में विवाद और घोटालों से नाम जुड़ने के बाद प्रभावशाली पदों से तत्काल इस्तीफे के उदाहरणों की एक श्रृंखला पेश करते हुए, सुनील शर्मा ने मांग की थी कि दोनों मंत्री भी तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दें.

उन्होंने कहा था, ‘वर्तमान वित्त मंत्री और गृह मंत्री को इस जांच में यह पुष्टि करने में सक्षम होना चाहिए था कि हमने तस्करी के पीछे के मुख्य अपराधी को पकड़ लिया है या एक समय सीमा देनी चाहिए थी कि अपराधी कब तक पकड़ लिए जाएंगे. अन्यथा, जांच को और सुविधाजनक बनाने के लिए उन्हें तब तक अपने पद से हट जाना चाहिए, जब तक तस्करी के पीछे का मुख्य व्यक्ति पकड़ा नहीं जाता.’ द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री प्रकाश शरणमहत ने यह कहते हुए उनकी मांग को खारिज कर दिया था कि सुनील शर्मा अपने निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के लिए बीमा कवर के अनुरोध को ठुकराए जाने से सरकार से नाराज थे.