नालंदा: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर एक तरफ जहां गठबंधन में घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग को लकर अभी बातचीत चल ही रही है तो दूसरी तरफ टिकट की दावेदारी पेश करते हुए नेता जनसंपर्क और जनसभा करना शुरू कर चुके हैं। इसी कड़ी में नालंदा के बिहारशरीफ में स्थित टाउन हॉल में इंडिया गठबंधन की तरफ से राजद के पूर्व विधायक मो नौशाद उन नबी खान उर्फ़ पप्पू खान ने एकता सम्मेलन का आयोजन किया। कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान और राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी के अलावा कई विधायक और नेता शामिल हुए।
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि आगामी4 सितंबर को NDA का बिहार बंद का आह्वान सत्ता पक्ष की हताशा दर्शाता है। ये लोग वोट चोरी कर जनता को गुमराह करने में लगे हुए हैं, इनके बिहार बंद से कुछ नहीं होने वाला है। ये लोग बिहार में महागठबंधन के द्वारा निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा से हताश और डरे हुए हैं। ये लोग अपनी हताशा को छुपाने के लिए इस तरह की चाल चल कर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने महागठबंधन में सीट बंटवारा और अन्य चीजों में मनमुटाव के सवाल पर कहा कि कहीं कोई मनमुटाव नहीं है। जल्द ही सीट शेयरिंग का निर्णय आपलोग के सामने आ जायेगा।
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राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि बिहारशरीफ एक एतिहासिक जगह है। यहाँ कौमी एकता वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों को अपनी विचारधारा और जनता के मुद्दों के साथ ही उनके सामने जाना चाहिए। उन्होंने BJP का नाम लिए बगैर हमला करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल हैं जो सिर्फ धर्म के नाम पर लोगों को बांटने और द्वेष पैदा करने की कोशिश कर रही है। हम इस विचारधारा की घोर निंदा करते हैं। हम जब संविधान की कसम खाते तो उसकी रक्षा और सम्मान करनी चाहिए।
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नालंदा से मो महमूद आलम की रिपोर्ट




