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पाकिस्तान फिर बेनकाब, जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकी को दी श्रद्धांजलि, ISI और सेना के अधिकारियों ने भी बहाए आंसू

भारत में दहशत फैलाने वाले आतंकवादियों का खुला समर्थन करने वाला पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकी शकील को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में श्रद्धांजलि दी गई, जिसका एक्सक्लूसिव वीडियो न्यूज18 के हाथ लगा है.

आतंकी शकील एक मार्शल आर्ट विशेषज्ञ था और उस पर भारतीय सुरक्षा बलों पर कई जानलेवा हमलों में शामिल होने का आरोप था. उसे पाकिस्तान ने जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए भेजा था. पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर के कोटली में उसकी श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. न्यूज18 के पास मौजूद वीडियो के मुताबिक, इस सभा में आतंकवादी संगठनों ने भारत को खुली धमकियां दीं.

आतंकी संगठन पीएएफएफ ने शकील को अपना कैडर बताया था, लेकिन उसकी इस श्रद्धांजलि सभा में आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने खुले तौर पर AK-47  लहराते हुए आतंकवादियों के साथ मंच साझा किया. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में 5 सितंबर को एक मुठभेड़ में आतंकी शकील को ढेर कर दिया था.

रियासी में 5 सितंबर को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुआ था एनकाउंटर

रियासी जिले के चस्साना इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई इस मुठभेड़ के दौरान सेना का एक जवान और एक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. दो आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में पुलिस इनपुट के आधार पर चस्साना के तुली इलाके में गली सोहब में यह एंटी टेरर ऑपरेशन शुरू किया गया था. मुठभेड़ दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुई जब पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक संयुक्त टीम ने एक घर पर धावा बोल दिया, जहां आतंकवादियों ने बंदूक की नोक पर शरण ले रखी थी.

जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने इस एनकाउंटर के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया था,’घर में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बल चार घंटे से ज्यादा की ट्रैकिंग के बाद गांव पहुंचे. उन्होंने आतंकवादियों को घेर लिया, जिन्होंने घेराबंदी से भागने के लिए अंधाधुंध गोलीबारी की, लेकिन सफलता नहीं मिली. देर शाम दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी बंद हो गयी. अंधेरे के कारण सुरक्षा बलों ने सावधानी बरती और दूसरे आतंकवादी के बारे में पता लगाने के लिए घर के अंदर नहीं गए, जिसके भी मारे जाने की संभावना है.’