पटना: जेल से बाहर आते ही पप्पू यादव एक बार फिर आक्रामक तेवर में नजर आ रहे हैं। एक तरफ वे राज्य में घट रही आपराधिक घटनाओं को लेकर आक्रामक तेवर में हैं तो दूसरी तरफ अपनी गिरफ्तारी को लेकर भी वे अपनी आवाज उठाने में लग गए हैं। पप्पू यादव शनिवार को दिल्ली के रवाना होने से पहले मीडिया से बात करते हुए अपनी गिरफ्तारी को अन्याय बताया तो दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन पर भी कई आरोप लगाये। पप्पू यादव ने राज्य में महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध घट रही आपराधिक घटना पर भी चिंता जाहिर की।
शनिवार को मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यह लड़ाई उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं बल्कि बिहार की गिरती कानून व्यवस्था के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि बिहार में हर दिन 100 से 150 बच्चियां गायब हो रही हैं जबकि दिल्ली का आंकड़ा 50 पार है। उन्होंने दरभंगा और समस्तीपुर में मासूम के साथ हुई हैवानियत की घटना को उठाते हुए नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किये। उन्होंने कहा कि अगर बेटियों की सुरक्षा और उनके अधिकार तथा सम्मान के लिए मुझे 100 बार भी मरना पड़े तो मैं मरने के लिए तैयार हूँ।
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सांसद पप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी की तुलना अंग्रेजी हुकूमत से की और कहा कि आज की राजनीति में बदले की भावना इतनी प्रबल हो गई है कि अंग्रेज भी शायद इतना नीचे नहीं गिरते थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय कम से कम यह भरोसा था कि हम लड़ लेंगे लेकिन आज तो कोई दोस्त नजर ही नहीं आता है। उन्होंने सत्ता पक्ष के नेताओं पर भी सवाल उठाया और कहा कि सबके सब चरित्रहीन हैं।
पप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब उन्हें PMCH में इलाज के लिए रखा गया था तो 24 घंटे में एक बोतल पानी भी नसीब नहीं हुआ। वे इस मामले को शांत नहीं होने देंगे, जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष से मिल कर अपनी पूरी शिकायत दर्ज करायेंगे और प्रशासन की कार्यप्रणाली की जांच की मांग करेंगे।
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