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बिहार में गंगा नदी पर बनेगा 6 लेन केबल ब्रिज, 5 घंटे का सफर 3 घंटे में होगा पूरा

नए साल से पहले मोदी कैबिनेट ने बिहार के लोगों को बड़ी खुशखबरी दी है. केंद्र सरकार ने बिहार में दीघा और सोनपुर को जोड़ने के लिए गंगा नदी पर 4.56 किमी लंबे 6 लेन पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है. इसके निर्माण में करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस पुल के नीचे से बड़े जहाज भी गुजर सकेंगे. इसे 42 महीने में बनाकर तैयार कर लिया जाएगा. इसके निर्माण के चलते उत्तर बिहार का समग्न विकास होगा और वाहन चालकों को बड़ी सुविधा होगी.

दरअसल, बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट की बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कोपरा (नारियल) की एमएसपी 300 रुपये प्रति क्विटल बढ़ा दिया गया है. इसे 2014-15 के लगभग दोगुना किया गया है. बिहार में दीघा से सोनपुर 6 लेन ब्रिज बनाने को मंजूरी दे दी गई है. इसमें लगभग 3 हजार करोड़ खर्च होगा. इसे 42 महीने में बना लिया जाएगा और इसके अंदर से बड़े जहाज भी जा सकेंगे.

बता दें, दीघा से सोनपुर के बीच गंगा नदी पर बनने वाला यह पुल बिहार का दूसरा पुल होगा. जानकारी के अनुसार इस पुल के निर्माण में 3 हजार करोड़ से ज्यादा की लागत आएगी. इस पुल के नीचे से बड़े जहाज निकल सकेंगे, ताकि देश में नदियों के जलमार्ग को बढ़ाने की योजना को बढ़ाया जा सके. इस पुल के बन जाने से बिहार की राजधानी पटना से उत्तर बिहार जाने वाले लोगों को काफी सहूलियत होगी. वहीं फिलहाल पटना से उत्तर बिहार को जोड़ने वाले दूसरे पुल जेपी सेतु और महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का लोड काम होगा.

पुल बनने से पटना से सीधे जुड़ेंगे कई हिस्से 

केंद्र सरकार के मुताबिक यह पुल पटना से एनएच-139 के माध्यम से औरंगाबाद और सोनपुर (एनएच-31), छपरा, मोतिहारी (पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर पुराना एनएच-27), बेतिया (एनएच-727) के माध्यम से उत्तरी हिस्से में स्वर्णिम चतुर्भुज गलियारे तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. यह प्रोजेक्ट बुद्ध सर्किट का एक हिस्सा है, जो कि वैशाली और केशरिया में बुद्ध स्तूप को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है. 

त्रिपुरा और असम के बीच रोड बनाने को मंजूरी

उन्होंने बताया कि त्रिपुरा और असम के लिए खोवई से हरिना तक के रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इससे 28 किलोमीटर दूरी कम होगी और सफर का समय दोगुना कम हो जाएगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग से जुड़ा फैसला त्रिपुरा और असम के लिए अहम है. यह पेव्ड शोल्डर के साथ दो लेन का चौड़ीकरण है. 

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के लिए बिहार प्राथमिकता था, है और रहेगा. ठाकुर ने कहा, "बिहार में काफी संभावनाएं हैं और पीएम मोदी ने हमेशा राज्य के विकास के लिए कई बड़ी परियोजनाएं दी हैं. बिहार मोदी सरकार के लिए प्राथमिकता थी, है और रहेगी."