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विशेष सत्र की शुरुआत से पहले PM मोदी का संबोधन, जानें क्या-क्या कहा....

* संसद के विशेष सत्र की आज से शुरुआत हो गई है. सत्र की शुरुआत में लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने अपना संबोधन दिया. जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि, देश 75 वर्षों की संसदीय यात्रा का एक बार फिर से संस्मरण कराने के लिए और नए सदन में जाने के लिए उन प्रेरक पलों को इतिहास की अहम घड़ी को स्मरण करते हुए आगे बढ़ने का ये अवसर है. हम सब, इस ऐतिहासिक भवन से विदा ले रहे हैं. आजादी के बाद इस भवन को संसद भवन के रूप में पहचान मिली. इस इमारत का निर्माण करने का फैसला विदेशी शासकों का था. हम गर्व से कह सकते हैं कि इस भवन के निर्माण में पसीना और परिश्रम मेरे देशवासियों का लगा था.

* चंद्रयान 3 की सफलता का भी इस दौरान पीएम मोदी ने जिक्र किया. जिस तरह से इसरो के वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया में डंका बजाया उसे याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि, चंद्रयान 3 की उपलब्धि देश और दुनिया पर एक नया प्रभाव डालेगा. इस सदन से मैं एक बार फिर देश के वैज्ञानिकों को कोटि-कोटि नमन करता हूं. आज जी 20 की सफलता को आपने सर्वसम्मति से सराहा है, मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं. जी 20 की सफलता पूरे देश की सफलता है, ये किसी दल की नहीं बल्कि पूरे भारत और 140 करोड़ भारतीयों की है.

* आगे उन्होंने कहा कि, आज भारत विश्वमित्र के रूप में अपनी जगह पाया है. पूरा विश्व भारत में अपना मित्र खोज रहा है, उसका मूल कारण है वेद से विवेकानंद तक जो हमने पाया है, सबका साथ सबका विकास का मंत्र हम सबको विश्व से जोड़ रहा है. जब हम इस सदन को छोड़ रहे हैं तो हमारा मन मस्तिष्क भी भावनाओं से भरा पड़ा है. हमारी सबकी स्मृतियां यहां से जुड़ी है. हम सबकी साझी स्मृतियां हैं, इसलिए हम सबका गौरव भी इससे जुड़ा हुआ है. 

* अपने संबोधन को जारी रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, जैसे-जैसे वक्त बदलता गया, ये हमारे सदन की संरचना भी निरंतर बदलती रही और अधिक समावेशी बनती गई. समाज के हर एक वर्ग का प्रतिनिधि इस सदन में नजर आता है. सदन के अंदर सबकुछ है यहां समाज के सभी वर्ग के लोग हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो पू्र्ण रूप से समावेशी वातावरण यहां लोगों की आकांक्षओं को प्रेरित करता रहा है. वहीं, महिलाओं की संख्या का भी जिक्र करते हुए कहा कि, महिलाओं की संख्या शुरूआत में कम थी, लेकिन धीरे-धीरे माताओं और बहनों ने भी इस सदन की गरिमा को बढ़ाया है. 

* संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कोरोना काल के दौरान संसद की कार्यवाही का जिक्र किया. 

*  साथ ही जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का भी जिक्र किया. 

*  अपने संबोधन के समापन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि, ये वहीं सदन है जहां 4 सांसद वाली पार्टी सत्ता में होती थी और 100 सांसद वाली विपक्ष में होती थी. हम यहां से एक नए उत्साह और उमंग के साथ विदा लेने वाले हैं. इन दीवारों से हमने जो प्रेरणा पाई है, जो विश्वास पाया है उसको लेकर जाने का है. नेहरू जी का गुणगान अगर इस सदन में होगा तो कौन सदस्य होगा जो उस पर ताली नहीं बजाएगा. मैं सभी सदस्यों से आग्रह करूंगा कि आप अपनी मधुर यादों को यहां रखें ताकि वह भाव लोगों तक पहुंच सके.