दरभंगा के बेंता थाना क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में आरोप है कि बेंता थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने नो-एंट्री में प्रवेश करने वाली महिला डॉक्टर से न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि खुलेआम गाली-गलौज और धमकी भी दी। महिला डॉक्टर तेजस्विनी पांडे ने बताया कि मामूली ट्रैफिक उल्लंघन के चलते थानाध्यक्ष ने वर्दी का दुरुपयोग करते हुए उन्हें डराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "दारोगा ने कानून के दायरे में कार्रवाई करने के बजाय अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और मुझे धमकाया।" वीडियो में देखा जा सकता है कि सड़क पर मौजूद लोग इस पूरे घटनाक्रम के गवाह बने।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का रवैया आम जनता के बीच पुलिस की छवि को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। सवाल उठता है कि क्या वर्दी के पीछे छिपा यह गालीबाज व्यवहार अब कार्रवाई के दायरे में आएगा या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा। पुलिस विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग थानाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था और पुलिस की विश्वसनीयता के लिए चिंता का विषय हैं। आम जनता के अधिकारों की सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करना इस मामले में प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस में अनुशासन और वर्दी के दुरुपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।