पटना: आप जो खाना खाते हैं असल में वह जहर है। यह बातें हम नहीं कह रहे हैं बल्कि वह किसान कह रहे हैं जो शुद्ध प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे हैं। राजधानी पटना में आयोजित प्रकृतिका 2026 कार्यक्रम के दौरान राज्य भर से जुटे किसान आमलोगों को भोजन और कृषि उत्पादों को लेकर जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की अधिकतर गांवों में किसान अनाज ही उपजाते हैं।
किसानो ने बताया कि शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोग रोजमर्रा की जिन्दगी में खाद्य सामग्री बाजारों से खरीदते हैं लेकिन उनमे अधिकतर या कहें तो सभी अनाज और सब्जियां केमिकल युक्त होते हैं। प्रकृतिका 2026 के तहत हम शहरी लोगों को जागरूक करना चाहते हैं कि अगर आप किसानों से सीधे खरीददारी करते हैं तो फिर आपको शुद्ध अनाज मिलेगा। बाजारों में मिलने वाले खाद्य सामग्री कई महीने और सालों तक इधर उधर घुमने के बाद ग्राहक तक पहुँचते हैं जबकि किसानों के साथ सीधे समन्वय होने से तजा अनाज और फल-सब्जी लोगों को मिल सकता है।
यह भी पढ़ें - अपने गैंग के पुराने सदस्यों को इकठ्ठा कर रहा था एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात प्रिंस, पिता ने STF को कहा 'धन्यवाद...'
कार्यक्रम के आयोजक समिति के सदस्य इस्तियाक ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक तरीके से जो खेती की जाती है उससे न तो प्रकृति को कोई नुकसान होता है और न ही उसे उपभोग करने वाले का। इस दौरान निक्की ने कहा उपभोक्ताओं को तीन गुना ज्यादा खर्च कर खाद्य सामग्री मिलता है। वही किसानों को बड़े कारोबारी कौड़ियों के दाम देकर खाद्य सामग्री खरीद लिया करते है।
यह भी पढ़ें - पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर समर्थकों में आक्रोश, अररिया में...