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'जो बड़े-बड़े लोगों के नाक में दम कर दे, उसे प्रशांत किशोर कहते हैं, मैं भी बिहार का लड़का'

आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. बिहार में महागठबंधन की सरकार भी विपक्षी एकता की हुंकार भर रही है और बीजेपी को हराने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटी है. इस बीच, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है. प्रशांत किशोर ने कहा है कि मैं भी बिहार का ही लड़का हूं, चुनाव इतनी मजबूती से लड़वाऊंगा कि लालू-नीतीश जैसे नेताओं के दांत खट्टे कर दूंगा, मुझे धकियाना इनके बस की बात नहीं है. वे यहां समस्तीपुर के रोसड़ा प्रखंड में जन संवाद के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.

जन सुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज व्यवस्था नहीं बनाएंगे तो कल समाज के लोग बोलेंगे कि प्रशांत किशोर गांवों-प्रखंडों में घूम रहे हैं, इनकी तो कोई ताकत ही नहीं है. मुझे नीतीश कुमार, लालू यादव और बीजेपी के लोग धकिया नहीं सकते हैं. मैं अगर बिहार में लड़ने आया हूं तो इतनी ताकत के साथ लड़ूंगा कि इन सब नेताओं के दांत खट्टे कर दूंगा. बंगाल में आपने मेरा काम देखा होगा. मैंने ही उनकी नस ढीली की थी. बीजेपी ने पूरी भारत की ताकत लगा दी और मैंने कहा था कि 100 पार भी नहीं होंगे. पूछा- बीजेपी वाले हुए 100 पार?

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि जितना पैसा लगाना था, उन्होंने लगा दिया. लेकिन कुछ नहीं हुआ. समाज में कई ऐसे लोग हैं जो लड़ने के लिए लड़ते हैं. हम उनमें से नहीं हैं. अगर लड़ने आए हैं तो इस बात को मान कर चलिए कि जितने का खाका भी दिमाग में लेकर आए होंगे. सोच समझ कर आए हैं कि ये कठिन काम है, इसको करने में कितनी ताकत लगानी पड़ेगी, कितना पसीना बहाना पड़ेगा, कितनी व्यवस्था बनानी पड़ेगी और कितना संसाधन लगाना पड़ेगा. सब कुछ सोच-समझ कर व्यवस्था बनाने आए हैं.

जो बड़े-बड़े लोगों के नाक में दम कर दे, उसे प्रशांत किशोर कहते हैं 

आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि ये जितने नेता हैं ये सोच रहे हैं कि मुझे धकिया देंगे. हम धकियाने वाले आदमी हैं? बड़े-बड़े लोगों के नाक में दम कर देते हैं. हम बिहार के लड़के हैं, देशभर के नेता जब चुनाव लड़ते हैं तो मुझसे सलाह लेते हैं तो ये नेता मेरा क्या करेंगे? एक बार समाज खड़ी हो गई तो जन बल के आगे कोई बल खड़ा होने वाला नहीं है. इसलिए बिहार के भविष्य के लिए सोचिए और किसी का बंधुआ मजदूर मत बनि