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अंधविश्वासी को सजा, बच्चे की हत्या के आरोप में चाचा और तांत्रिक को आजीवन कारावास

DESK- तंत्र-मंत्र के चक्कर में बच्चों की बलि लेने के मामले में कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है. मृतक बच्चे के चाचा और तांत्रिक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और इसके साथ ही 50 हजार का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. मामला भागलपुर जिले के पीरपैंती का है.यहां के विनोबा टोला निवासी मीना देवी ने बेटे कन्हैया कुमार की हत्या के मामले में पीरपैंती थाने में केस दर्ज कराया था। उन्होंने देवर शिवनंदन रविदास और तांत्रिक विलास मंडल पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। मृत बच्चे की मां मीना देवी की मानें तो 27 अक्टूबर 2019 को देवर शिवनंदन रविदास और तांत्रिक विलास मंडल मेरे बेटे कन्हैया को पटाखा दिलाने के बहाने घर से बुलाकर ले गया था उसके बाद से मेरा बेटा घर वापस नहीं लौटा, लेकिन अगले दिन वह घर के पीछे खून से लथपथ मृत हालात में मिला था।शिवनंदन रविदास और तांत्रिक विलास मंडल ने मिलकर कन्हैया की बलि दे दी थी,क्योंकि रविदास को बच्चा नहीं होने पर तांत्रिक विलास ने उसको बोला था कि बली देने से उसे बच्चा हो जाएगा.

 इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने मृतक कन्हैया के चाचा और तांत्रिक को दोषी पाया और सख्त सजा सुनाते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही 50 हजार का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है.

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