नालंदा: बिहार सरकार पर्यटन स्थलों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी पर्यटन सत्र तक पर्यटकों की संख्या 2000 तक बढ़ाने की दिशा में तैयारियां कर रही हैं। इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है।
प्रमुख पर्यटन स्थलों के समग्र विकास की योजना
- जू सफारी और नेचर सफारी के लिए बसों की संख्या में वृद्धि की जाएगी।
- पर्यटकों की सुविधा के लिए वेटिंग एरिया, शौचालय एवं पेयजल कियोस्क की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- स्वयं टिकट बुकिंग के लिए 10 सेल्फ टिकट बुकिंग कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।
- राजगीर जू सफारी में जेन-Z पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए AI और VR तकनीक के उपयोग की योजना बनाई जाएगी।
- घोड़ा कटोरा झील के विकास तथा समुचित अध्ययन के बाद वहां वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू की जाएंगी।
- वेणुवन में लाइट एंड साउंड शो की स्थापना के बाद इसे शाम के समय पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। साथ ही खुले एम्फीथिएटर का उपयोग शाम के समय सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए करने का निर्देश दिया गया।
- हिरण्य पर्वत पार्क के सौंदर्यीकरण एवं विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा इसे बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में शामिल करने के लिए डीएफओ को पहल करने का निर्देश दिया गया।
इस दौरान विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने राजगीर जू एवं नेचर सफारी के वन कर्मियों से संवाद कर उनके फीडबैक लिए। साथ ही स्थानीय टूरिस्ट ऑपरेटर्स एवं मीडिया प्रतिनिधियों से भी बातचीत कर राजगीर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को लेकर सुझाव भी लिए।
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