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बिहार में आंदोलन की तैयारी में किसान नेता राकेश टिकैत, नीतीश-तेजस्वी सरकार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

पटना. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत तीन दिवसीय दौरे पर पटना पहुंचे हैं. यहां वे सरकार के साथ-साथ कई किसान नेताओं से मुलाकात करेंगे. दिल्ली से पटना पहुंचे किसान नेता ने पटना एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में बिहार सरकार से मांग की कि राज्य में मंडी कानून लागू किया जाए. उन्होंने बड़ी-बड़ी कंपनियों द्वारा बिहार के किसानों की जमीन हड़पने की साजिश को लेकर भी अपनी बात कही और आने वाले समय में किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी.

राकेश टिकैत ने कहा कि मेरा बिहार का 3 दिन का कार्यक्रम है. सबसे पहले बिहार में बाजार समिति लागू होनी चाहिए हजारों ट्रक यहां से रोज धान जाता है. यहां के किसानों को एमएसपी नहीं मिलती है, यह व्यवस्था बंद हो. यहां के किसान फसल पैदा करते हैं, लेकिन इनको उचित मूल्य मिले. बड़ी-बड़ी कंपनियां बिहार से फसल खरीदती हैं और बाहर जाकर ऊंचे दामों में बेचती हैं.

यहां तीन दिन रुकूंगा और यहां के सिस्टम को देखूंगा. यहां मंडी सिस्टम लागू होनी जरूरी है और हम लोगों की पहली मांग है की मंडी कानून लागू किया जाए. उन्होंने लालू प्रसाद यादव मिलने के सवाल पर कहा कि यहां हूं तो सारे नेताओं से मिलेंगे, सरकार से भी मिलेंगे.

तीन दिवसीय यात्रा पर पटना पहुंचे राकेश टिकैत ने आंदोलन करने की बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार में एमएसपी से कम दाम मिलने और किसानों के विभिन्न मुद्दों पर बिहार में जल्द आंदोलन होगा. उन्होंने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून के लिए बिहार के किसानों का साथ दे. कृषि रोडमेप पर राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों को सिर्फ कागजों पर पैसा मिलेगा क्या? बिहार में जल्द आंदोलन की तैयारी होगी.

राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की आज जमीन लेंगे तो आज का दाम देना होगा. बिहार अपनी दो बातों के लिए जाना जाता था, पहली स्कूल और शिक्षा. लेकिन, अब बिहार के लोग बाहर जाने लगे हैं, साजिश के तहत पलायन किया जा रहा. बड़ी बड़ी कंपनिया किसानों की जमीन छीनने पहुंच रहे हैं. बाजार कानून के कारण ये हालात है.

मीडियाकर्मियों द्वारा किए गए इस सवाल पर कि सरकार चौथा कृषि रोड मैप लेकर आ रही है, क्या इससे किसानों को क्या फायदा मिलने वाला है? इसके जवाब में राकेश टिकैत ने कहा कि हम पहले चौथ कृषि रोड मैप को पढ़ेंगे, उसके बाद ही बता पाएंगे कि इसमें सरकार ने किसानों के लिए क्या-क्या किया है.